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Intresting facts: जानते हैं! हवाई जहाज में भी हॉर्न होता है… यह भी समझिए इसे क्यों लगाया जाता है
अब आप सोच रहे होंगे कि हवाई जहाज के रास्ते में न कोई जाम लगता और न उसके रास्ते में कोई आता है, फिर उसमें हॉर्न की क्या जरूरत? दरअसल, किसी भी आम वाहन के जैसे हवाई जहाज में भी हॉर्न की जरूरत पड़ती है.

प्लेन में हॉर्न का इस्तेमाल ग्राउंड इंजीनियर और स्टाफ से संपर्क साधने और उन्हें किसी तरह के खतरे से सावधान करने के लिए किया जाता है. उड़ान से पहले अगर हवाई जहाज में कोई खराबी आ जाए या फिर कोई इमरजेंसी हो तो प्लेन के अंदर बैठा पायलट इस हॉर्न को बजाकर ग्राउंड इंजीनियर को अलर्ट मैसेज भेज सकता है.

इस हॉर्न का बटन भी बाकी बटनों की तरह प्लेन के कॉकपिट पर होता है. हालांकि, यह अन्य बटनों की तरह ही होने की वजह से ढूंढना थोड़ा मुश्किल है.

हॉर्न वाले बटन की पहचान के लिए इसके ऊपर ‘जीएनडी’ (GND) यानी ग्राउंड लिखा होता है. जिसे दबाने पर साइरन जैसी आवाज निकलती है और प्लेन का अलर्ट सिस्टम चालू हो जाता है.

प्लेन में ऑटोमैटिक हॉर्न भी होते हैं. अगर प्लेन के सिस्टम में किसी भी तरह की खराबी आ जाती है या फिर आग लग जाती है तो ये हॉर्न अपने आप ही बजने लगते हैं. खास बात यह है कि अलग-अलग तरह की खराबी आने पर हॉर्न की आवाज भी अलग-अलग ही आती है. इससे एयरक्राफ्ट इंजीनियर को यह पता लगाने में आसानी होती है कि जहाज के किस हिस्से में खराबी आई है.

उड़ान भरते समय पायलट ये हॉर्न नहीं बजा सकता है, क्योंकि उस समय जहाज का वार्निंग सिस्टम बंद कर दिया जाता है.





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