भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाजिक संस्थाएं समाज के सहयोग से सामुदायिक महत्व के कार्यों का संपादन और अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करती हैं। समाज के सहयोग से कई स्थानों पर मंदिर, शालाओं और अन्य सामुदायिक महत्व के भवनों का निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुए हैं। सरस्वती विद्या मंदिर द्वारा इस दिशा में की जा रही पहल और जनसामान्य द्वारा इसके लिए दिया जा रहा सहयोग सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रतलाम के काटजू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में नव निर्मित ‘संघ शताब्दी सभागार’ का लोकार्पण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया में कई देश सैन्य और आर्थिक रूप से मजबूत है, लेकिन भारत दुनिया का इकलौता देश है, जहां सनातन संस्कृति से समाज चल रहा है। हम शक्ति में विश्वास न करते हुए संस्कारों में विश्वास करते हैं और सर्वे भवन्तु सुखिनः के भाव के साथ चलते हैं। भारत हजारों सालों से विश्व गुरू रहा है हमने तक्षशिला, नालंदा, विक्रमादित्य विश्वविद्यालयों के माध्यम से दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। दुनिया के कई देशों के लोग सुशासन की स्थापना के लिए अपने देश के नागरिकों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए भारत भेजते थे।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के आधुनिक विश्वकर्मा हैं। उनके नवाचार और विकास के कार्य आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन हुआ है, हमें इसे विस्तार देना है। कार्यक्रम को विद्या भारती के मध्य क्षेत्र के संगठन मंत्री श्री अखिलेश मिश्रा, विद्यालय के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सखलेचा, विद्या भारती मालवा प्रांत के अध्यक्ष श्री प्रकाश धनखड़ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने स्वागत गीत पर आकर्षक नृत्य एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, महापौर प्रहलाद पटेल, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, गोपाल काकानी सहित जनप्रतिनिधि, स्कूल स्टॉफ एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभागार के निर्माण के लिए राशिदान देने वाले दानदाताओं को भी सम्मानित किया।





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