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इंदौर में 15 साल से पुरानी बसें नहीं चलेंगी, परमिट और फिटनेस रद्द; सुरक्षा और नियमों को बनाया अनिवार्य

इंदौर
 मुंबई से इंदौर आ रही बस में युवती से हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्त हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने  बस आपरेटरों की बैठक लेकर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसें किसी भी स्थिति में सड़कों पर नहीं चलेगी।

आरटीओ 15 साल से पहले ही बस संचालकों को नोटिस जारी कर सूचित करेंगे और ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन और परमिट जारी नहीं होगा। बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन, जीपीएस, लाइटिंग के साथ ही स्टाफ के लिए यूनिफार्म जरूरी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ऑपरेटरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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बसों में यात्रियों के लिए पूरी सुविधाएं और सुरक्षा रखी जाए

कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई बस ऑपरेटरों की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए कि बस संचालन के दौरान किसी यात्री को असुविधा या असुरक्षा महसूस नहीं होना चाहिए। बसों में यात्रियों के लिए पूरी सुविधाएं और सुरक्षा रखी जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ड्राइवर, कंडक्टर या अन्य स्टाफ नशे का सेवन नहीं करेंगे, यूनिफार्म में रहेंगे और यात्रियों से शालीन व्यवहार करेंगे।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई होगी

सुरक्षा मानकों की अनदेखी, वाहन फिटनेस में लापरवाही या यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की स्थिति में बस ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंदौर में असुरक्षित और अनुशासनहीन बस संचालन अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तथा प्रमुख बस ऑपरेटर मौजूद रहे।

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महिलाओं व दिव्यांगों के लिए आरक्षित होगी सीट

बसों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए सीटें आरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। सीट नंबर 11 से 16 तक महिलाओं के लिए और दरवाजे के पास की दो सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित होंगी। चालक के पीछे वाली पहली सीट नवजात शिशु की माता के लिए होगी, जिसे तीन ओर से पर्दों से आच्छादित रखा जाएगा। सभी बसों में दोनों ओर अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। विंडस्क्रीन पर वाहन की बीमा, फिटनेस, परमिट आदि की जानकारी लाल रंग से अंकित की जाए।

बस स्टाप का होगा सर्वे

बैठक में बस आपरेटरों ने स्टेज कैरेज वाली बसों के लिए भी सीटी बस की तरह बस स्टाप बनाने की मांग की। बस ऑपरेटरों ने कहा कि एमवाय, पिपलियाहाना, मूसाखेड़ी, तीन इमली, तेजाजी नगर आदि क्षेत्रों में स्टाप बनाए, ताकि यात्रियों को सुविधा हो सके। बसें इन्हीं स्थान पर रुकेंगी और सड़क पर यातायात दबाव भी नहीं होगा। कलेक्टर ने इससे सहमत होते हुए सर्वे कराकर स्थान चिन्हित करने की बात कही।

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