सारण
हरिहर क्षेत्र सोनपुर का यह ऐतिहासिक पशु मेला कभी पूरी दुनियां में पशुओं की खरीद- बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था। यहां घोड़े, ऊंट, हाथी, बैल, गाय और भैंसों की भारी तादाद में बिक्री होती थी। लेकिन समय के साथ नियमों, आधुनिकता और बदलते व्यापारिक तरीकों के कारण मेला अब अपनी पुरानी पहचान खोता नजर आ रहा है। अब मेला अधिकतर मनोरंजन, व्यापारिक स्टॉल, झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटन आकर्षण का केंद्र बन कर रह गया है। पशुओं की बिक्री नाम मात्र को रह गई है। फिर भी "प्रधान बाबू" जैसे आकर्षक पशु मेला की पुरानी विरासत की याद दिलाते हैं और इस उम्मीद को जिंदा रखते हैं कि एक दिन सोनपुर मेला फिर अपने पुराने गौरव को वापस हासिल करेगा। मालिक ने भैसे की कीमत एक बड़े बैनर पर लिखकर स्टॉल के पास लगा दिया है, जिसे देखने और फोटो खींचने के लिए लोगों की कतार लगी रहती है।
एशिया प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला- 2025 इस बार एक अनोखे आकर्षण को लेकर सुर्खियों में है। रोहतास जिले से लाया गया लगभग एक करोड़ रुपए कीमत वाला भैसा उर्फ़ "प्रधान बाबू" मेला घूमने वालों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया साइट्स पर भी इस भैसे की तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, जिससे इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। तो हर कोई एक सेल्फी लेना भी नहीं भूलता है।
भैंसा के मालिक बीरबल कुमार सिंह ने बताया कि यह भैंसा जाफराबादी नस्ल का है, केवल 38 महीने के इस भैसे की लंबाई लगभग 8 फीट और ऊंचाई करीब 5 फीट है। पूरा शरीर चमकदार काले रंग का होने के कारण यह दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। मालिक ने यह भी बताया कि इसे तैयार करने में काफी मेहनत और खर्च हुआ है। प्रतिदिन इसके चारे पर लगभग 2 हजार रुपये खर्च होते हैं। फिलहाल भैसे को खरीदने के लिए कोई खरीदार प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंचा है, लेकिन कई लोग फोन पर संपर्क कर कीमत की चर्चा कर रहे हैं।
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