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चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती, सोना भी टूटा – क्या फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचेगा दाम?

इंदौर 

सोना और चांदी के भाव में शुक्रवार को भी गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम भरभराकर टूटे हैं. चांदी सुबह 11.30 बजे 5000 रुपये गिरकर 2.38 पर पहुंच गई थी, वहीं सोने के भाव में 1000 रुपये की गिरावट आई थी, जो 1.50 लाख रुपये के ऊपर थे. हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत 12000 रुपये टूट गई थी और सोना 1800 रुपये गिर गया था.

 वहीं रिकॉर्ड हाई से देखें तो सोना और चांदी काफी सस्‍ते हो चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्‍या फिर कभी चांदी और गोल्‍ड वापस उस लेवल पर आएंगे? आइए जानते हैं सोने और चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्‍यों आ रही है. 

रिकॉर्ड हाई से चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती 
29 जनवरी को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर थी, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है और आज चांदी 2.29 लाख रुपये पर आ गई थी. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के भाव में 1.91 लाख रुपये तक की गिरावट आई है. इसके अलावा, गोल्‍ड प्राइस में भी बिग फाल हुआ है. सोने की कीमत 29 जनवरी को 1.93 लाख रुपये पर थी, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गई. इसका  मतलब है कि सोने की कीमत में 44 हजार रुपये की गिरावट आई है. 

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गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ भी गिरा
सोना और चांदी ईटीएफ प्राइस में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई. यह गिरावट ग्‍लोबल स्‍तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली हावी होने के बाद आई है, क्‍योंकि अमेरिकी इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई. एआई घबराहट और अर्निंग को लेकर आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई.  

कोटक सिल्वर ETF को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ, यह 10% गिर गया, जबकि HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में से हर एक में लगभग 9% की गिरावट आई. बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, यह लगभग 6% नीचे रहा. गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5% की गिरावट आई.

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क्‍यों आ रही गोल्‍ड सिल्‍वर में गिरावट? 
एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्‍ताह के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई थी, जिससे अस्थिरता बनी हुई है. यह गिरावट केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और सीएमई द्वारा मार्जिन में की गई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमत के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली आई है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट पर ज्‍यादा पार्टिसिपेट नहीं कर रहे हैं.

इंटरनेशनल लेवल पर सोने-चांदी का भाव 
गुरुवार को इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोना 4 फीसदी गिरा और चांदी के भाव में 9 फीसदी की गिरावट आई. सोना अभी 4,887 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है और चांदी की कीमत $78 प्रति औंस पर बनी हुई है. 

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क्‍या वापस रिकॉर्ड हाई पर जाएंगे सोने-चांदी के दाम? 
एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी ग्‍लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमातों में उछाल आ सकता है. Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों का कहना है कि सोने के $4,900 प्रति औंस तक 2026 में पहुंचने की संभावना है. वहीं चांदी के मामले में ब्रोकरेज और विश्लेषक मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्‍लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी  एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या इससे ऊपर जा सकती है. 

Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग बना रहना जरूरी है. ऐसे में अगर जियो -पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जारी रहती है तो  सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं. 

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