लखनऊ
साल 2021 में शुरू हुए गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अब पूरा हो चुका है. यूपी सरकार ने इसका ट्रायल भी पूरा कर लिया है और अब उद्घाटन करने की तैयारी कर रही है. सरकार की मंशा है कि 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले नए वित्तवर्ष से इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सके, ताकि टोल वसूली से इस पर खर्च किए गए पैसों को रिकवर किया जा सके. 594 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे से गंगा किनारे के करीब 12 जिलों में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और वाहन चालकों के लिए भी पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी तक जाना आसान हो जाएगा.
एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यूपी सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क किया है, ताकि पीएम मोदी से इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कराया जा सके. माना जा रहा है कि इसे 25 से 31 मार्च के बीच जनता को समर्पित किया जा सकता है. अथॉरिटी की मंशा है कि एक्सप्रेसवे पर 1 अप्रैल से टोल वसूली शुरू की जा सके, ताकि इस पर आए 36,200 करोड़ रुपये के खर्च की भरपाई जल्द हो सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही दिसंबर, 2021 में इसकी नींव रखी थी और 6 लेन का यह एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह तैयार हो चुका है. गंगा नदी के किनारे से आने वाला यह एक्सप्रेसवे मेरठ के पास बिजौली गांव से शुरू होता है और प्रयागराज में जूड़ापुर डांडू गांव के पास खत्म होता है. इस तरह यह मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ता है और पूर्वी यूपी से पश्चिमी यूपी में आवाजाहाी आसान बनाता है.
टोल का ट्रायल का भी पूरा
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल अथॉरिटी यानी यूपीडा के सीईओ श्रीहरि प्रताप शाही का कहना है कि बिजौली गांव के पास यह एक्सप्रेसवे मेरठ-हापुड़ हाईवे से जुड़ता है, जबकि प्रयागराज के जूड़ापुर डांडू गांव के पास फाफामऊ-प्रतापगढ़ हाईवे से जुड़ता है. शाही ने बताया कि हमने समय से पहले ही इसके 1,498 ढांचे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है. साथ टोल वूसली मैनेजमेंट का ट्रायल भी पूरा हो चुका है. फिलहाल प्रोफेशनल्स से इस पर वाहन चलाने के अनुभव और वाहनों की गति आदि को लेकर टेस्ट किए जा रहे हैं. उद्घाटन के लिए शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है और उनके निर्देश पर ही अंतिम फैसला किया जाएगा.
सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा सफर
मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय भी घटकर आधा रह जाएगा. अभी इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लग जाते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद इस दूरी को महज 6 से 7 घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा. यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से गुजरेगा. इन जिलों के 518 गांवों को यह मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने का भी काम करेगा. साथ ही इन गांवों और आसपास के क्षेत्रों में विकास बेहतर होगा. इस एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर की हवाई पट्टी भी बनाई गई है, जहां विमानों की आपात लैंडिंग कराई जा सकेगी.
एक तरफ का कितना टोल लगेगा
यूपीडा ने अभी तक टोल टैक्स की आधिकारिक दरों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के तहत माना जा रहा है कि इस पर कार के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर का टोल वसूला जाएगा. इसका मतलब है कि एक तरफ से करीब 1,515 रुपये का टोल लग सकता है. छोटे कॉमर्शियल वाहनों के लिए एक तरफ का टोल किराया करीब 2,405 रुपये तो बस-ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए 4,840 रुपये का टोल सकता है. भारी निर्माण वाहनों के लिए टोल किराया एक तरफ का 7,455 रुपये तो 7 एक्सेल से ज्यादा वाले वाहनों के लिए यह 9,535 रुपये हो सकता है.





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