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बिहार सरकार का बड़ा फैसला, हर चालक का Eye Checkup और Fitness Certificate जरूरी

पटना.

राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आम लोगों से लेकर स्कूली बच्चों तक को यातायात नियमों के प्रति सजग किया जा रहा है। अब तक 77 हजार 926 शिक्षण संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा चुका है।

यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। यह जानकारी परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने मुख्य सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में सड़क सुरक्षा अभियान 2026 कार्यक्रम के दौरान दी।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत पहल
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे निभाने से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। विभाग द्वारा हेलमेट और सीटबेल्ट अनिवार्यता को लेकर सख्ती बरती जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नियम उल्लंघन पर 4 लाख 47 हजार रुपये से अधिक के चालान काटे गए हैं।

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नेत्र जांच और प्रमाण-पत्र अनिवार्य
सरकार ने अब वाहन चालकों, विशेषकर स्कूली वाहन चालकों के लिए नेत्र जांच अनिवार्य कर दी है। स्वस्थ नेत्र प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। सड़क सुरक्षा माह के दौरान करीब 1,800 चालकों की आंखों की जांच कर चश्मे वितरित किए गए। साथ ही 264 यूनिट रक्तदान भी कराया गया। स्कूलों और जिलों में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) मशीन के जरिए हेलमेट के महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा।

रिकॉर्ड पंजीकरण और लाइसेंस जारी
मंत्री ने बताया कि एक महीने में रिकॉर्ड 1 लाख 40 हजार वाहनों का पंजीकरण और 83 हजार ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं।
बिहार देश के लिए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। राज्य में पहली बार महिलाएं पिंक बस चलाने जा रही हैं। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

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महिला चालकों को मिला नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में छह महादलित महिला चालकों-रागिनी कुमारी, सरस्वती कुमारी, आरती कुमारी, बेबी, गायत्री कुमारी और अनीता कुमारी-को हेवी मोटर व्हीकल (एचएमवी) का नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा पांच गुड सेमेरिटन को सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए 25-25 हजार रुपये का चेक, प्रमाण-पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

प्रशिक्षण, सख्ती और आपातकालीन तैयारी
परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि दंड के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। सभी जिलों में प्रत्येक शनिवार निजी बस चालकों की ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। हाल ही में 10 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और 500 से अधिक रद्द किए गए हैं। एसडीआरएफ ने कार्यक्रम में सीपीआर और आपातकालीन उपचार की ट्रेनिंग दी। अधिकारियों ने अपील की कि सड़क सुरक्षा को सालभर की आदत बनाया जाए, तभी दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी संभव है।

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