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मंईयां सम्मान योजना से 67,752 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, झारखंड में हर महीने मिल रहे ₹2500

रांची.

झारखंड की राजधानी रांची में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है. जिला प्रशासन की पहल से हजारों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया जा रहा है. जिला कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 67,752 महिलाओं को इस योजना के तहत विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है.

इससे महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हो रही है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को पशुपालन और पोल्ट्री से जोड़कर आय के नए साधन उपलब्ध कराए गए हैं. योजना के अंतर्गत 27,644 महिला लाभुकों के बीच चूजा का वितरण किया गया, जिससे वे मुर्गी पालन कर आय अर्जित कर रही हैं. इसके अलावा, 21,521 महिलाओं को बतख पालन से जोड़ा गया है, जबकि 16,105 महिलाओं को बकरी पालन के लिए सहायता दी गई है. इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अब नियमित आय प्राप्त कर रही हैं.

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अंडा उत्पादन से भी मिल रही आजीविका
योजना के तहत केवल पशुपालन ही नहीं, बल्कि अंडा उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार 2,482 महिलाएं अंडा उत्पादन से जुड़कर अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं. यह गतिविधि कम लागत में बेहतर आय का माध्यम बन रही है. इससे महिलाओं को घर के पास ही रोजगार का अवसर मिल रहा है और वे अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं.

प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध
महिलाओं को केवल संसाधन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सफल बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से विशेषज्ञों के माध्यम से महिलाओं को पशुपालन, पोल्ट्री और अंडा उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जाती है. इससे महिलाओं को उत्पादन बढ़ाने और बेहतर तरीके से व्यवसाय चलाने में मदद मिलती है. साथ ही प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध हो, ताकि महिलाओं को उचित मूल्य मिल सके.

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प्रखंड स्तर पर हो रही योजना की नियमित समीक्षा
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन लगातार इसकी निगरानी कर रहा है. उपायुक्त की ओर से सभी प्रखंडों के बीडीओ और सीओ को इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं. प्रखंडवार लाभार्थियों की स्थिति और योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय पर समाधान किया जा सके.

वर्ष 2026 तक एक लाख महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से वर्ष 2025 में 67,752 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को उत्पादन बढ़ाने और व्यवसाय को सफल बनाने के लिए विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है. जिला प्रशासन का लक्ष्य वर्ष 2026 तक करीब एक लाख महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.

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