लखनऊ
मौसम में परिवर्तन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन विभाग ने आग से बचाव की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के आलाधिकारियों से कहा है कि गर्मी में जंगलों में आग की घटनाएं न हों, इसके लिए अभी से तैयार रहें। वन विभाग ने ऐसी घटनाओं पर निगरानी और रोकथाम के लिए मुख्यालय से लेकर प्रभागीय स्तर, जोनल-मंडलीय मुख्य वन संरक्षक स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाया है। प्रदेश मुख्यालय पर बनाए गए अग्नि नियंत्रण सेल कार्य कर रहे हैं।
मुख्यालय व प्रभागीय स्तर पर बनाए गए अग्नि नियंत्रण सेल
प्रत्येक प्रभाग, वृत्त, जोन तथा मुख्यालय स्तर पर प्रदेश में कुल 116 अग्नि नियंत्रण सेल स्थापित किए जा चुके हैं। यह सेल 24 घंटे कार्य करेंगे। सेल में तीन शिफ्ट (सुबह छह से दोपहर दो बजे तक, दोपहर दो बजे से रात्रि 10 बजे तक व रात्रि 10 से सुबह छह बजे तक) में कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। हीलाहवाली न हो, इसके लिए विभिन्न रेंजों में समस्त सूचनाएं रजिस्टर में पंजीकृत कर तत्काल उसके निदान पर कार्य भी किया जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर पर दी जा सकेगी जानकारी
आग से जुड़ी घटनाओं के संबंध में आम नागरिक भी सूचना दे सकेंगे। जनपद से मिली इन सूचनाओं को जनपदीय अधिकारी तत्काल मुख्यालय के नियंत्रण सेल को प्रेषित करेंगे। आमजन की सुविधा के लिए लखनऊ में भी हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। 0522-2977310, 0522-2204676, 9651368060, 7017112077 पर इससे जुड़ी सूचनाएं दी जा सकती हैं। अन्य सभी जनपदों में भी आमजन व अन्य विभागों के अधिकारियों को स्थानीय हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की वेबसाइट-fsi.nic.in पर वन अग्नि अलर्ट सूचना के लिए प्रदेश के 3792 अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन ने पंजीकरण भी कराया है।
अतिसंवेदनशील व मध्य संवेदनशील प्रभागों में भी कर ली गई तैयारी
प्रदेश में वन अग्निकाल 15 जून तक माना गया है। पहले के वर्षों में हुई अग्नि घटनाओं के आधार पर अतिसंवेदनशील व मध्य संवेदनशील (चित्रकूट, सोनभद्र, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, बहराइच, महराजगंज, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, उत्तर खीरी-दक्षिण खीरी, बलरामपुर, सहारनपुर, बिजनौर, गोंडा, गोरखपुर, मीरजापुर, चंदौली, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, वाराणसी व कैमूर वन्य जीव प्रभाग घोषित किए गए हैं। इनमें फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है। संवेदनशील जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के क्रम में वन अग्नि नियंत्रण के लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रभागीय स्तर पर आग लगने की किसी भी सूचना से तत्काल मुख्यालय स्तर को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। आमजन की सुविधा के लिए मुख्यालय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। वन्य जीवों को वन क्षेत्र के अंदर पीने के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए पक्का होल निर्माण व पुराने वाटर होल की मरम्मत कर उसमें नियमित जल भी भरा जा रहा है। वन क्षेत्र के अंदर वाच टावर का निर्माण व पुराने वाच टावर का रखररखाव भी किया जा रहा है।





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