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कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल

कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने पांचवें "समर्थ भारत कॉन्क्लेव" का किया शुभारंभ

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कौशल आधारित सामाजिक उद्यमिता विकसित भारत का पथ है। इस दिशा में वैचारिक स्तर पर चिंतन की पहल समसामयिक और सराहनीय है। कॉन्क्लेव, शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी की समाप्ति के लिए समाधान का वैचारिक मंच बने। उन्होंने कहा कि कौशल और सामाजिक उद्यमिता से विकसित भारत निर्माण के चिंतन में सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे स्वच्छता, शिक्षा, जल संरक्षण, लैंगिक समानता, प्राथमिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के समाधान खोजने का प्रयास किया जाना चाहिए।

राज्यपाल पटेल बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पांचवें "समर्थ भारत कॉन्क्लेव" के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कॉन्क्लेव का आयोजन  “विकसित  भारत  के  निर्माण में कौशल विकास और सामाजिक उद्यमिता”  विषय पर किया गया है। राज्यपाल पटेल ने कॉन्क्लेव से पहले कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।   

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राज्यपाल पटेल ने कहा कि कॉन्क्लेव में कौशल विकास की प्रासंगिकता, शिक्षा–उद्योग-समन्वय, सामाजिक उद्यमिता विस्तार, ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण, स्टार्ट-अप इको सिस्टम की मजबूती, महिला और वंचित वर्गों की सहभागिता का पथ प्रदर्शन पर बल दिया जाए। डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल पर विचार जरूरी है, ताकि आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता के ठोस उपाय खोंजें जाए। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता है कि सरकारी, कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं गैर-लाभकारी संगठन के समन्वित और एकजुट प्रयासों को नवाचारी सोच और सतत विकास के लिए, उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए। राज्यपाल पटेल ने प्रतिभागियों से कौशल आधारित सामाजिक उद्यमिता के द्वारा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और व्यवहारिक नवाचारों पर चिंतन का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। स्किल इंडिया मिशन, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया आदि योजनाओं से देश में सशक्त स्टार्ट-अप इको सिस्टम बना है। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हम समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने नए और उपयोगी तरीके विकसित करें, ताकि गरीब और वंचित लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार एवं खुशहाली आए।

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युवाओं को समावेशी विकास का सहभागी बनाएं

राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी लगभग 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। युवाओं को जमीनी स्तर से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्हें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर, नई और रचनात्मक पहल के द्वारा आर्थिक परिवर्तन का माध्यम तथा समावेशी विकास का सहभागी बनाना होगा। डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल और आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता के ठोस उपायों से परिचय करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के लिए कौशलयुक्त मानव संसाधन और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली सोच समय की मांग है। शिक्षण संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि शिक्षा व्यवस्था तकनीकी, प्रबंधकीय और उद्यमशील क्षमतावान ऐसे युवा तैयार करें, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफल हो सकें।

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राज्यपाल पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर 2 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ किया। वोकेशनल ट्रेनर्स को सम्मानित किया। उनका आईसेक्ट के चान्सलर संतोष चौबे ने पुष्प-गुच्छ और अंगवस्त्रम् भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के चान्सलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने दिया। आईसेक्ट के चान्सलर संतोष चौबे ने संस्थान की स्थापना से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए कौशल और सामाजिक उद्यमिता प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। आभार स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगुरू डॉ. विजय सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर रविन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के वी.सी. डॉ. आर.पी. दुबे, वाधवानी फाउंडेशन के कर्नल संतोष, प्रो. चान्सलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी और विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।

 

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