जहानाबाद
बिहार के जहानाबाद जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंटल परीक्षा के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने 46 शिक्षकों का वेतन अस्थायी रूप से रोक दिया है और तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इस कदम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति परीक्षा कार्य के लिए विभिन्न केंद्रों पर की गई थी। केंद्राधीक्षकों की रिपोर्ट में सामने आया कि कई शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर अनुपस्थित रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने इस संबंध में कोई अनुमति भी नहीं ली। जिला शिक्षा कार्यालय ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है। जारी आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही और अनाधिकृत अनुपस्थिति की श्रेणी में आता है।
किसका कितना वेतन रोका गया
इंटर कम्पार्टमेंटल परीक्षा में ड्यूटी पर लगाए गए 27 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 11 मई तक रोक दिया गया है। वहीं मैट्रिक कम्पार्टमेंटल परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले 19 शिक्षकों का वेतन 30 अप्रैल से 6 मई तक स्थगित किया गया है।
तीन दिन में देना होगा जवाब
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनकी सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के तहत भी विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई के दायरे में सहायक शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक शामिल हैं, जो विभिन्न प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में कार्यरत हैं।
क्या बोले अधिकारी
अधिकारियों ने साफ कहा है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में ‘नो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। शिक्षा विभाग की इस सख्ती को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





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