लखनऊ
राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. घटना के समय इमारत में अचानक आग लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
शुरुआत में इस घटना को कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी से जोड़कर देखा गया, लेकिन बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में न तो कोई कोचिंग सेंटर संचालित था और न ही कोई लाइब्रेरी चल रही थी. अधिकारियों के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन संचालित था, जहां कर्मचारी गेमिंग सॉफ्टवेयर पर काम करते थे.
आग लगने के बाद ऊपरी मंजिल पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. कुछ लोगों के बाथरूम में फंसे होने की अपुष्ट सूचना भी सामने आई थी, लेकिन बाद में राहत और बचाव कार्य के दौरान सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया. आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए. एक शख्स ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है. फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल की जानकारी ली और राहत कार्यों की निगरानी की. उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या 12 तक पहुंच चुकी है और सभी की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब मामले में और सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव गृह (ACS Home) को तत्काल मौके पर जाकर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों पर कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों के प्रति न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और संवेदना व्यक्त की जाएगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. पीएमओ ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. लखनऊ पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन हर पहलू पर नजर बनाए हुए है.





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