अयोध्या
यूपी के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की SIT जांच के बीच अनुबंध का कड़ाई से अनुपालन हो रहा है। वहीं, जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के साथ ही बैंक प्रबंधन ने गणना कर्मियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू कर दिया है। अब कर्मियों को बिना जेब वाली वर्दी पहननी होगी।
राममंदिर भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने एक टीवी इंटरव्यू में सीधे तौर पर बैंक प्रबंधन को ज़िम्मेदार बताया था। उनका कहना था कि जब बैंक के साथ अनुबंध में साफ-साफ नियम बनाए गए तो गणना कर्मियों ने अनदेखी क्यों की। बताया जाता है कि बड़े क्लाइंट की वजह से बैंक ने बनारस की आउटसोर्सिंग करने वाली कंपनी से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को कर्मचारी उपलब्ध कराए गए। उनके सैलरी भी उसी कंपनी के जरिए दिलवाए गए। सूत्रों की मानें तो 90 फीसदी नियुक्तियां ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रभाव का इस्तेमाल कर करवाए।
यही नहीं, समय-समय पर नियमों में ढील भी इन्हीं पदाधिकारियों की शह पर मिलते रहे। बैंक के बड़े अफसरों का कहना है कि यह तो अनुबंध तो दोतरफा हुए न कि बैंक ने अपनी ओर से कर्मचारी थोपे। कायदे से बैंक के नियमित कर्मचारी ही इस संवेदनशील कार्य में होने चाहिए।
समाज से कटे राम मंदिर के कर्मचारी
राम मंदिर से महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में लीक होने के बाद अब मंदिर प्रशासन इसको लेकर सख्त दिखाई दे रहा है। कर्मचारी अब मंदिर के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे रहे है। मोबाइल लेकर कर्मचारियों के प्रवेश पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ में कर्मचारियों के परिजन भी किसी से कोई बातचीत नहीं कर रहे है। इसको एसआईटी के खौफ से जोड़कर देखा जा रहा है।
मीडिया से बातचीत पर रोक
पिछले कई दिनों से राम मंदिर से जुड़ी कई जानकारियां मीडिया को मिल रही है। राम मंदिर प्रशासन महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारियां कहां से मीडिया को मिल रही है, इसका पता नहीं कर पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब इसको लेकर मंदिर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके बाद अब कर्मचारियों को मीडिया से बातचीत करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस कारण से राममंदिर के बारे कुछ भी बोलने से कर्मचारी बच रहे हैं।
कर्मचारी नहीं उठा रहे फोन
पहले जो कर्मचारी कभी कभार फोन उठा लेते थे, उन्होंने फोन उठाना पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ कर्मचारियों ने परिजनों को भी मीडिया अथवा अपरिचित व्यक्ति से कोई भी बात करने से मना कर दिया है। इसका असर सोमवार को दिखाई दिया। राममंदिर के किसी भी कर्मचारी को फोन करने पर वह तुरंत इसे काट दे रहा है। मीडिया से बात करने पर उसे खुद के एसआईटी की पूछताछ के दायरे में आने की आशंका लग रही है। दूसरी तरफ एसआईटी जांच को लेकर कर्मचारियों को विभिन्न आशंका सता रही है। अगर पूछताछ के दायरे में आते हैं, तो वह किस तरह से पक्ष रखें। मामले में लगातार नए-नए तथ्य रोज सामने आ रहे है। ऐसे में पूर्व में कई ऐसी चीजें रही हैं, जो इन कर्मचारियों के आंखों के सामने गुजरी है। खास लोगों से इन्होंने इसकी चर्चा भी की है।





Users Today : 30
Users This Month : 796
Total Users : 235680
Views Today : 41
Views This Month : 938
Total views : 57974



