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संसद में सनातन के अपमान पर CM योगी का हमला, बोले- ‘चंदा चोरी में साधु-संतों की कोई भूमिका नहीं’

लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. समाजवादी पार्टी और भाजपा के विधायकों के बीच सदन में जमकर नारेबाजी हुई. जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. जिसके बाद सीएम योगी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा 'सपा केवल गुंडागर्दी करना चाहती है. विपक्ष केवल हल्लाबोल करना चाहता है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर जांच चल रही है. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को लेकर हंगामा करना चाहता है. चंदा चोरी में साधु-संतों की भूमिका नहीं है. ये लोग रामभक्तों का अपमान कर रहे हैं। 

सपा किसी नियम को नहीं मानते: सीएम योगी
सीएम योगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा 'विपक्ष किसी नियम को नहीं मानना चाहती है. लगातार सदन का अपमान किया जा रहा है. विपक्ष केवल तर्कहीन मुद्दा उठाकर भ्रामक प्रचार करता है. जिस तरह का आचरण समाजवादी पार्टी के विधायक सदन में करते हैं, वह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक हैं. राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा जैसे ही सामने आया था, हमने तुरंत एसआईटी का गठन किया. इसके बाद सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, अभी भी कार्रवाई जारी है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सीएम योगी ने कहा 'राम मंदिर ट्रस्ट का इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं है. यह ट्रस्ट सरकार ने नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बना था. इसके बाद भी समाजवादी पार्टी के लोग तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं. सपा और कांग्रेस का आचरण हमेशा सनातन विरोधी रहा है. हम पहले भी कह चुके हैं कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. उनका बीजेपी से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। 

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'ये लोग राम मंदिर प्रतिष्ठा में नहीं गए'
सीएम योगी ने कहा 'आज समाजवादी पार्टी के नेता राम मंदिर की बात रहे हैं, लेकिन इन्होंने हमेशा इसका विरोध किया है. 2024 में जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तब इन्हें भी निमंत्रण दिया गया था. लेकिन सपा का कोई भी नेता वहां नहीं गया था. यही वो लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर की गलियों को रक्तरंजित किया था. इन्हीं लोगों ने मंदिर का विरोध किया था. ये लोग सनातन के विरोधी हैं. राम मंदिर के प्रांगण में 1100 से ज्यादा लोग काम करते हैं, लेकिन इसमें किसी भी साधु संत की संलिप्तता नहीं मिली है. केवल 8 लोगों की भूमिका पाई गई. लेकिन इसके लिए साधु संतों, मंदिर, अयोध्या की भूमि और कर्मचारियों को बदनाम करना. यह आश्चर्यजनक स्थिति है. ये आरोप सपा और कांग्रेस के लोग लगा रहे हैं, जिन्होंने हमेशा, रामजन्मभूमि और श्रीराम का अपमान किया है। 

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'हम हर तरह की चर्चा के लिए तैयार'
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तरह की चर्चा के लिए तैयार है. लेकिन चर्चा नियमों के तहत होनी चाहिए. आप बात को सदन में नियम सहित रखें, लेकिन कार्यवाही का विरोध करना, प्लेकार्ड लहराना, अपमान जनक व्यवहार सदन में समाजवादी का था, जो पूरी तरह से शर्मनाक है. संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना यह समाजवादी पार्टी का शौक और शगल है. इनका लोकतांत्रिक मूल्यों पर कभी विश्वास नहीं रहा है. हम जानते है कि हल्लाबोल जिस पार्टी का मुख्य उद्देश्य रहा हो, वह लोकतांत्रिक कैसे कही जा सकती है. ये कभी मीडिया पर हमला करते हैं, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करते हैं, ये न्यायालय की बात नहीं मानते, ये नियम परंपराओं का पालन नहीं करते. ये भारत की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं। 

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यूपी विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. वहीं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया है. सदन में पूरा हंगामा राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हुआ है। 

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