Breaking News

हजारीबाग का डेमोटांड फार्म बनेगा एग्रो टूरिज्म केंद्र, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

रांची
 कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने हजारीबाग स्थित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, डेमोटांड के 160 एकड़ में फैले अत्याधुनिक फार्म को अब एग्रो टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की है, ताकि किसान, छात्र और पर्यटक कृषि के नए प्रयोगों से सीधे जुड़ सकें।

मंत्री ने बताया कि केंद्र में चल रहे नवाचारों को राज्य के कृषि विकास का मॉडल बनाया जाएगा। यहां ईडीआरएफ के तहत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य सहायक गतिविधियों को एक साथ जोड़कर किसानों के लिए टिकाऊ और लाभकारी मॉडल तैयार किया जा रहा है।

झारखंड में कॉफी-चाय की खेती की शुरुआत
उन्होंने बताया कि झारखंड में पहली बार 20 एकड़ क्षेत्र में पायलट तौर पर चाय की खेती की गई है। इसके साथ ही उद्यान विभाग द्वारा कॉफी की खेती का भी पहली बार परीक्षण शुरू किया गया है।

See also  पतंजलि आयुर्वेद को बड़ा झटका, तीन दिन में विज्ञापन बंद करने के आदेश

मंत्री शिल्पी तिर्की ने बताया कि प्रारंभिक परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं। यदि यह परीक्षण सफल रहा तो राज्य के अनुकूल क्षेत्रों में चाय और कॉफी की खेती का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। इससे किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली वैकल्पिक फसलों से भी लाभ मिलेगा।

एग्रो टूरिज्म से बदलेगी तस्वीर
मंत्री ने कहा कि डेमोटांड केंद्र को एग्रो टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत यहां प्री-फैब्रिकेटेड कॉटेज, आधुनिक प्रदर्शन इकाइयां, अनुभव आधारित कृषि पर्यटन, प्रशिक्षण केंद्र, उद्यान भ्रमण और जैविक खेती प्रदर्शन क्षेत्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
केंद्र के माध्यम से राज्यभर के लगभग 2,000 किसानों को आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की जानकारी दी जाती है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय बढ़ सके। डेमोटांड केंद्र को आधुनिक, लाभकारी और रोजगारमुखी बनाकर झारखंड को कृषि नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी है।

See also  सुप्रीम कोर्ट का जूताकांड: CJI गवई ने तोड़ी चुप्पी, बोले- जो हुआ, उससे मैं स्तब्ध हूं

हमारा उद्देश्य झारखंड की कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना है। बल्कि नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और कृषि पर्यटन को जोड़कर किसानों की आय का नया स्रोत विकसित करना है। -शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री।

 

Author:

Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

Verified by MonsterInsights