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MP Weather Alert: जबलपुर-रीवा समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून का नया स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव

भोपाल 

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. बंगाल की खाड़ी में बने नए लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश में अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के संकेत दिए हैं. सागर, रीवा, जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में 4 इंच तक बारिश दर्ज होने का अनुमान है. लगातार सक्रिय हो रहे मौसम सिस्टम को देखते हुए प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 

बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय हुआ है. यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है. इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ सक्रिय बनी है, जिसका असर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा. यही वजह है कि प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। 

अगले चार दिन तेज बारिश का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय सिस्टम के कारण प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा. विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. सागर, रीवा, जबलपुर और आसपास के जिलों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे नदियों और जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

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जबलपुर-रीवा और शहडोल संभाग में स्ट्रॉन्ग सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून का सिस्टम मजबूत स्थिति में है। खास तौर पर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में शुक्रवार को भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।पूर्वी मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन और लोगों को निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
भारी बारिश वाले 12 जिलों के अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल और हरदा में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

इसके अलावा ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बना बारिश की वजह
 बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह निम्न दबाव का क्षेत्र यानी लो प्रेशर एरिया सक्रिय हुआ था। इसके बाद 13 अगस्त की सुबह यह सिस्टम डिप्रेशन में बदल गया।यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हुई हैं।

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अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है तेज बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम के असर से मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने की संभावना है। इसके चलते मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के इस दौर में भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति पर नजर रखने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की जरूरत है।मानसून सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
शुक्रवार को जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी सहित 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, विदिशा, छिंदवाड़ा, सीहोर, सतना, सिवनी, श्योपुर, शाजापुर, शिवपुरी, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, मंदसौर, मुरैना, मैहर, दतिया, देवास, दमोह, आलीराजपुर, आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, गुना, भिंड, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, झाबुआ, बैतूल, उमरिया, पन्ना, पांढुर्णा, धार और हरदा में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। 

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सामान्य से अब भी कम है बारिश
प्रदेश में अब तक कुल 524.8 मिमी यानी करीब 20.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है. इसके बावजूद यह आंकड़ा सामान्य औसत से लगभग 2.8 इंच कम है. आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

 कई जिलों में औसत से ज्यादा वर्षा
हालांकि कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है. भोपाल, ग्वालियर, राजगढ़, खंडवा, खरगोन, गुना, सीहोर, अनूपपुर, भिंड, बड़वानी, बुरहानपुर और देवास में अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इन जिलों में लगातार हुई वर्षा ने जलस्तर और खेती दोनों को फायदा पहुंचाया है। 

किसानों और लोगों के लिए राहत की खबर
मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है. धान, सोयाबीन, मक्का समेत खरीफ फसलों को इस बारिश से फायदा मिलने की उम्मीद है. वहीं जिन इलाकों में अब तक बारिश कम हुई थी, वहां भी जल संकट कुछ हद तक कम हो सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासनिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। 

 

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