नई दिल्ली
राजधानी में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चरण-तीन के तहत घर-घर जाकर फॉर्म बांटने का काम सोमवार को पूरा हो गया। इस दौरान दिल्ली के 1.45 करोड़ वोटर्स को 100 प्रतिशत फॉर्म बंटे गए, लेकिन 67 प्रतिशत फॉर्म वापस जमा हो सके। 30 जून से प्रक्रिया शुरू हुई थी। दिल्ली के सभी 13 जिलों में आखिरी दिन तक कुल 97.47 लाख से अधिक फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं, जो कुल डेटा का लगभग 67.18 प्रतिशत ही है।
SIR के तहत डोर टु डोर वेरिफिकेशन हुआ पूरा
- आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग जिलों के प्रदर्शन में काफी बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
- सबसे बेहतर प्रदर्शन के साथ बाहरी उत्तर जिला टॉप पर है, जहां 75.68 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।
- वहीं, सबसे खराब स्थिति साउथ-ईस्ट जिले की है, जो महज 56.32 फीसदी डिजिटाइजेशन के साथ सबसे निचले पायदान पर है।
- डिजिटाइजेशन की इस रफ्तार में सबसे आगे और सबसे पीछे रहने वाले जिलों के बीच 19 प्रतिशत से भी अधिक का फासला दर्ज किया गया है।
- राजधानी के कई बड़े और अहम इलाकों में भी डेटा एंट्री की रफ्तार औसत से काफी कम रही।
- नई दिल्ली जिले में केवल 60.76 प्रतिशत और साउथ दिल्ली में 61.32 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटल हो सके हैं।
- सेंट्रल और नॉर्थ जिलों का हाल भी कुछ ऐसा ही है, जहां काम की रफ्तार 62 से 64 फीसदी के आसपास फॉर्म जमा हुए।
- दूसरी ओर, वेस्ट, साउथ-वेस्ट, नॉर्थ-वेस्ट और नॉर्थ-ईस्ट जिलों ने बेहतर काम करते हुए 70 प्रतिशत से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है।
- नॉर्थ-ईस्ट जिला 18.70 लाख से ज्यादा मतदाताओं के साथ दिल्ली का सबसे बड़ा जिला है, जहां 13.27 लाख से अधिक फॉर्म का डेटा सिस्टम में दर्ज किया जा चुका है।





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