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लखनऊ में छात्रों से बोले CEC ज्ञानेश कुमार, फेक न्यूज और EVM को लेकर समझाया

लखनऊ
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में सोमवार को जेन अल्फा से संवाद किया। ज्ञानेश कुमार पुरातन छात्र के रूप में कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अवध हॉल में छात्रों के साथ प्रेरणादायक संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करने के साथ ही भारतीय लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम की विश्वसनीयता, फेक न्यूज से सतर्कता और युवा मतदाताओं की भूमिका पर चर्चा की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें विद्यालय और उनके गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान है। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 1979 में हाईस्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट में यूपी बोर्ड में टॉप किया था। हाईस्कूल में करीब 10 लाख विद्यार्थियों में वह प्रदेश में प्रथम रहे, जबकि इंटरमीडिएट में करीब छह लाख विद्यार्थियों के बीच उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहने की सलाह दी।

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उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी उनकी विशेष रुचि रही। उन्होंने छात्रों से कहा कि शिक्षा और खेलकूद जीवन में समान रूप से महत्वपूर्ण हैं तथा विद्यार्थियों को दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने बताया कि अमेरिका जाने की तैयारी के दौरान उनकी मां की इच्छा और मातृभूमि के लगाव ने उन्हें देश में रहकर जनसेवा करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की और केरल कैडर से प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि देश सेवा की। इसी यात्रा ने उन्हें आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दायित्व तक पहुंचाया है।

ईवीएम से संबंधित सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि देश में करीब 100 करोड़ मतदाता हैं। इतनी बड़ी आबादी के लिए चुनाव कराना बड़ा काम है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी निभाते हैं। भारत निर्वाचन आयोग संविधान, कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ईवीएम से संबंधित सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय ईवीएम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा निर्मित की जाती हैं और वे इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से जुड़ी नहीं होतीं। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना को स्वीकार करने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की जांच करना आवश्यक है।

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18 वर्ष के होने वाले सभी युवा मतदाता सूची में दर्ज कराएं
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने युवाओं से लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख किया। उन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले विद्यार्थियों से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के डिजिटल माध्यमों के जरिए मतदाता पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं मतदाता बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवा देश के लोकतांत्रिक भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। यदि युवा जागरूक होकर मतदान प्रक्रिया में भाग लेते हैं, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। संवाद के दौरान छात्रों ने भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त से चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। इस मौके डीएम विशाल जी, कॉलेज के प्रधानाचार्य

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