मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से नवा रायपुर में खुलेगा प्रतिष्ठित NMIMS, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ लगाएगा नई छलांग
सेक्टर-18 में 40 एकड़ में आकार लेगा राष्ट्रीय स्तर का शिक्षण संस्थान, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी
छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी शिक्षा के मिलेंगे राष्ट्रीय स्तर के अवसर
दो से तीन वर्षों में शुरू होगा पहला बैच, पूर्ण विकसित होने पर लगभग 10 हजार विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
नवा रायपुर को एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि
रायपुर,
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भूमि की रजिस्ट्री भी पूर्ण कर ली गई। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर न जाना पड़े तथा उन्हें अपने ही प्रदेश में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के समान अवसर मिलें, इस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार उपस्थित थे।
40 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कैंपस
नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए आज लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
युवाओं के लिए खुलेंगे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए द्वार
NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा। प्रदेश के युवाओं को प्रबंधन, कौशल विकास तथा आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही राज्य में प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।
इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे नवा रायपुर में विविधतापूर्ण और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।
शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल और उद्यमिता को भी मिलेगी गति
NMIMS की स्थापना का प्रभाव केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी विस्तार मिलेगा। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में विकसित हो रहे नए औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल युवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
नवा रायपुर की राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन हब के रूप में मजबूत होगी पहचान
राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी से युक्त शहर के साथ ही एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का यहां स्थापित होना इस परिकल्पना को नई गति देगा।
देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परिवेश का विस्तार होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों, सेवाओं और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इससे नवा रायपुर की पहचान देश के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में और मजबूत होगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की युवा-केंद्रित विकास नीति में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। NMIMS की स्थापना इसी सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान न केवल प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा, कौशल और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





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