Breaking News
[the_ad id='4127']
[the_ad id="4127"]

SIR में वोटर का नाम कटने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, अंतरिम रोक की मांग खारिज

 मुंबई

महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से याचिकाकर्ताओं को राहत नहीं मिली है. अदालत ने वोटर लिस्ट से नाम काटने की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। 

वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) यूथ प्रेसिडेंट सागर रमेश गवाई की तरफ से SIR के खिलाफ ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में घर-घर जाकर वेरिफिकेशन (डोर-टू-डोर एन्युमरेशन) के दौरान नियमों की अनदेखी करने और मनमाने तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप लगाए गए हैं। 

अदालत में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से पेश सीनियर वकील आशुतोष कुंभकोणी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने अंतरिम निर्देशों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की व्यापक सुनवाई कर रहा है और 8 अक्टूबर को इस पर आगे की सुनवाई होनी है। 

See also  श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक, इनकी मेहनत ही विकास की है बुनियाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दूसरी तरफ, याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ नेता और वकील प्रकाश अंबेडकर ने इसका विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि पुराना आदेश सिर्फ बिहार चुनाव से जुड़ा था, जबकि उनकी ये याचिका अलग है. प्रकाश अंबेडकर ने कोर्ट से अपील की कि कम से कम महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए ऐसा आदेश दिया जाए कि उनके नाम न काटे जाएं. उन्होंने अदालत से इस पर रोक लगाने की मांग की। 

सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के कारण HC का रुख
बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने समानांतर कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पहले से ही इस मामले पर विचार कर रही है, तो हाईकोर्ट के लिए इस पर समानांतर सुनवाई करना और कोई आदेश देना सही नहीं होगा. बेंच ने टिप्पणी की कि जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, तो ऐसा कदम उठाना कैसा लगेगा?

See also  धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, मुस्लिम पक्ष बोला- हेलीकॉप्टर नहीं है, तुषार मेहता ने दिया 900 मीटर वाला जवाब

कोर्ट ने ये भी कहा कि 8 अक्टूबर की तारीख आने ही वाली है, इसलिए फिलहाल इस मामले में कोई जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, चुनाव आयोग की अपील पर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को 3 हफ्ते के लिए टाल दिया है और अब इस मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर के आसपास होगी। 

इस बीच, याचिकाकर्ताओं की चिंता ये है कि अगर नामों के कटने का सिलसिला नहीं रुका, तो आगामी चुनावों में कई वैध मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। 

Author:

Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

[the_ad id='4119']
Verified by MonsterInsights