Breaking News

फर्जी नामों से गरीबों का राशन डकारने वाले होंगे बाहर, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

फर्जी नामों से गरीबों का राशन डकारने वाले होंगे बाहर, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

भोपाल

फर्जी नामों पर गरीबों का राशन डकारने वाले अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर होंगे। इसके लिए राज्य सरकार प्रदेश के सभी राशन हितग्राहियों का ईकेवायसी और आधार सत्यापन कराने अभियान शुरु करने जा रही है। आपका राशन आपका अधिकार नाम से कालाबाजारी के समूल उन्मूलन के लिए 19 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच पूरे प्रदेश में यह अभियान शुरु किया जाएगा।
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकार से रियायती दरों पर राशन लेने वाले वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करने, हकदारी अनुसार सामग्री की प्रदायगी,  प्रदाय सामग्री की हितग्राही को सूचना देने, ओएनओआर के तहत किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करने और अपात्र एवं अस्तित्वहीन हितग्राहियों के विलोपन और नवीन हितग्राहियों के नाम जोड़ने के लिए राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में सम्मिलित पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी और डाटाबेस मोबाइल नंबर दर्ज किए जाने की कार्यवाही इस अभियान में की जाएगी।

See also  भरभराकर गिरा खेत में बना मकान, मलबे के नीचे दबे एक ही परिवार के 5 लोगों को चरगवां पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर निकालते हुये बचाई जान*

Must read 👉जबलपुर में हेलमेट नहीं तो शराब नहीं:शराब विक्रेताओं ने दुकानों के बाहर लगाए पोस्टर, शराब लेने आने वाले हेलमेट में आ रहे नजर

तीन करोड़ के ईकेवायसी,64 लाख के मोबाइल नंबर दर्ज होंगे- प्रदेश में अभी केवल 42 प्रतिशत हितग्राहियों की ईकेवायसी हुई है और केवल 47 प्रतिशत परिवार के डाटाबेस  दर्ज किए गए है।  इसलिए पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी और डाटाबेस में मोबाइल नंबर दर्ज करने का काम 19 अक्टूबर से शुरु होगा। पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी कराने उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीनों से नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हितग्राही दुकान पर जाकर अपने आधार कार्ड ले जाकर ईकेवायसी कराएंगे। अभियान के दौरान तीन करोड़ 9 लाख हितग्राहियों के ईकेवायसी और 64 लाख परिवारों के मोबाइल नंबर दर्ज कराए जाएंगे।

24 घंटे भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी:कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज के रेन बसेरा का किया निरीक्षण; मरीजों को मिलेगी सारी सुविधाएं

प्राप्त करने के तीन आसान उपाय
पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाते समय उसकी आवाज सुने और मिलान करे कि आपके नाम से कितनी मात्रा में राशन जारी हुआ है।  इसके अलावा राशन प्राप्त करने पर  पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची प्राप्त कर  उसमें अंकित राशन की मात्रा का मिलान करें। अपने मोबाइल नंबर की पीओएस मशीन पर सही एंट्री कराएं और प्राप्त राशन की मात्रा का मिलान मोबाइल पर प्राप्त होंने वाले एसएमएस से करें।

See also  मध्यप्रदेश में तंबाकू-गुटखे के खिलाफ चलेगा अभियान-डा. नरोत्‍तम मिश्रा

परिवार के एक सदस्य का मोबाइल होगा दर्ज
पात्र हितग्राही को उचित मूल्य दुकान से वितरित सामग्री की जानकारी एसएमएस के माध्यम से देने के लिए परिवार के न्यूनतम एक सदस्य का मोबाइल नंबर डेटाबेस में दर्ज कराया जाएगा। पात्र परिवार के डाटाबेस में मोबाइल नंबर दर्ज करने की सुविधा उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई पीओएस मशीन पर उपलब्ध होगी। सही मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए ओटीपी आधारित कार्यवाही की जाएगीयदि पात्र परिवार के हिसी भी सदस्य के पास मोबाइल नंबर नहीं है तो  उनकी जानकारी उचित मूल्य दुकान पर अलग से संधारित की जाएगी।

महिला-बच्चों, वृद्धों का रिकार्ड दुरुस्त करने घर पहुंचेगा अमला
वृद्ध, शारीरिक रुप से असक्षम, दिव्यांग, महिलाओं और बच्चों के ईकेवायसी विक्रेता घर जाकर कराएगा। पीडीएस के डाटाबेस में किसी हितग्राही का त्रुटिपूर्ण आधार नंबर दर्ज हो तो सही आधार नंबर दर्ज कराया जाएगा। जिन हितग्राहियों के बायोमेट्रिक विफल हो रहे है उन हितग्राहियों को आधार पंजीयन केन्द्रो में जाकर बायोमेट्रिक अपडेशन की कार्यवाही कराने सलाह दी जाएगी। उचित मूल्य दुकान से हितग्राही के ईकेवायसी होंने पर डाटाबेस एवं हितग्राही का आधार डाटाबेस में दर्ज नाम, पता, लिंग और आयु के आधार पर मिलान जेएसओ लॉगिन से किया जाएगा और मिलान होंने पर अनुमोदन किया जाएगा।

See also  सिंधिया फैंस क्लब के नेता की पिटाई :सरपंचों ने बरसाईं चप्पलें; कमीशन लेकर काम नहीं करने का आरोप

जानकारी गलत तो हटेंगे नाम
जिन हितग्राहियों के पीडीएस डाटाबेस एवं आधार के विवरण में भिन्नता पाई जाएगी उनकी जेएसओ द्वारा मौके पर जांच की जाएगी और जांच में वास्तविक  हितग्राही पाए जाने पर अनुमोदन होगा। यदि नाम, पता, लिंग, आयु के आधार पर मिलान नहीं होता है तो ऐसे हितग्राहियों के नाम रिजेक्ट किए जाएंगे।

Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

Verified by MonsterInsights