
महात्मा गांधी कॉलेज के संचालक की मौत:26 दिन पहले खुद को मार ली थी गोली, सुसाइड नोट में प्रताड़ना का जिक्र
महात्मा गांधी कालेज के संचालक राजू वर्मा की 26 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने प्रताड़ना से तंग आकर खुद को गोली मार ली थी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती वर्मा इलाज के दौरान वे कोमा में चले गए थे। उनके पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था।
महात्मा गांधी कालेज़ के संचालक राजू वर्मा 3 साल से परेशान चल रहे थे। उन्होंने बलिराम शाह को अपना 305 नंबर का फ्लैट बेचा था। शाह केंद्रीय सुरक्षा संस्थान में कार्यरत है। उसने फ्लैट खरीदा लेकिन कब्जा पूरे अपार्टमेंट पर कर लिया था। कई मर्तबा वह अपार्टमेंट की छत पर ताला लगा दिया करता था। वर्मा ने सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत भी की थी।
वर्मा की मौत को लेकर परिजनों का आरोप हैं कि अगर समय से पुलिस शाह के खिलाफ कार्रवाई करती तो शायद आज यह घटना नहीं होती। परिजनों के मुताबिक उन्होंने बलिराम के खिलाफ कई बार शिकायत भी की थी। पुलिस का कहना हैं कि वर्मा कई दिनों से बीमार भी थे। सिविल लाइन थाना प्रभारी के मुताबिक सुसाइड नोट की अभी जांच की जा रही है।
यह लिखा था सुसाइड नोट में…
मैं, राजू वर्मा अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं, मेरी मौत का जिम्मेदार बलिराम शाह फ्लैट नंबर 305 प्लैटिनम अपार्टमेंट सिविल लाइन निवासी है।





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