चोरी का जूता ढूंढने में लगी पुलिस:चलती ट्रेन से गायब हुआ 1000 रुपए का जूता; आपके साथ ऐसा हो तो करें जीरो FIR
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बिहार के सीतामढ़ी के राहुल कुमार झा का रिजर्वेशन जयनगर क्लोन स्पेशल ट्रेन के बी-4 में था। वो अंबाला स्टेशन से यात्रा कर रहे थे। चलती ट्रेन से उनका जूता चोरी हो गया। फिर क्या राहुल ने इसकी शिकायत रेल मदद ऐप पर की रेल थाना मुजफ्फरपुर का रेफरेंस देते हुए मुरादाबाद में मामला दर्ज कराया गया। राहुल के अनुसार, यह मामला मुरादाबाद का है, इसलिए मुजफ्फरपुर रेलवे थाने ने प्राथमिकी दर्ज कर के इसे मुरादाबाद रेलवे थाने को भेज दिया। चलती ट्रेन से चोरी हुए जूतों को ढूंढने के लिए दो राज्यों (यूपी और बिहार) की पुलिस जुटी है।
पीड़ित राहुुल कुमार ने रेलवे पुलिस को जो आवेदन लिखा उसे ब्रीफ में पढ़ लें
महाशय, मैंने 28 अक्टूबर को अंबाला से मुजफ्फरपुर आने के लिए स्पेशल ट्रेन पकड़ी। यूपी के मुरादाबाद में ट्रेन पहुंची और मेरी नींद खुल गई। मैंने देखा कि बर्थ के नीचे रखा जूता गायब है।
जूते की डिटेल
campus maxico(running shoes size-9 uk/india color blue) का था। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया। अतः श्रीमान से निवेदन है कि उचित कार्रवाई करने की कृपा करें। इस संबंध में मेरे द्वारा रेल मदद पर कंप्लेन की गई। जिसका रिफ्रेंस नंबर 2022-10290-1991 है।
यहां बताते चले कि campus maxico running shoes की कीमत 500 से 1300 रुपए के बीच है।
हालांकि, चोरी हुए जूते और चोरों को पकड़ने में पुलिस लगी हुई है। साथ ही संबंधित रेल थाना मुरादाबाद को जीरो FIR दर्ज कर भेज दी गई है।
ट्रेन में सामान चोरी हो जाए, तो कहां, कैसे और कब आप शिकायत करके अपना सामान वापस पा सकते हैं? आज जरूरत की खबर में इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा। आज की स्टोरी के एक्सपर्ट हैं- सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट सचिन नायक, एडवोकेट चिकिशा मोहंती और एडवोकेट अविनाश गोयल।
सवाल- चलती ट्रेन में आपका यानी पैसेंजर का सामान चोरी हो जाए तो क्या करें?
जवाब- चलती ट्रेन में सामान चोरी हो जाए, तो पैसेंजर ट्रेन के टीटी, कंडक्टर, कोच अटेनडेंट, गार्ड RPF या GRP एस्कॉर्ट को इस बात की जानकारी दें। वो आपके चोरी हुए या गुम हुए सामान की शिकायत करने में मदद करेंगे।
सवाल- ट्रेन में पैसेंजर का सामान चोरी होने वाले मामले पर कौन एक्शन ले सकता है, RPF या GRP?
जवाब- GRP, जी हां। GRP पुलिस के पास ही इंडियन पैनल कोड के मामलों पर एक्शन लेने की पावर है। आप चलती ट्रेन में RPF या टीटी से FIR फॉर्म लेकर शिकायत जरूर दर्ज करा सकते हैं, लेकिन RPF भी आपका केस GRP पुलिस को ही हैंडओवर करेगी।
RPF के पास रेलवे की प्रॉपर्टी चोरी होने पर एक्शन लेने की पावर है। जैसे- ट्रेन के पर्दे, तकिए या कम्बल।
सवाल- ट्रेन में सामान चोरी हो जाए, तो FIR के लिए पैसेंजर को अपनी यात्रा ब्रेक कर किसी स्टेशन पर उतरना जरूरी है?
जवाब- नहीं। ऐसा करना जरूरी नहीं है। आप चलती ट्रेन में भी FIR दर्ज करा सकते हैं, लेकिन अगर सिचुएशन ज्यादा खराब हो और पैसेंजर की गवाही की जरूरत हो, तब आपको किसी स्टेशन पर उतरकर GRP थाने में गवाही देनी पड़ सकती है।
सवाल- पैसेंजर का FIR फॉर्म लेने के बाद रेल कर्मचारी क्या करेंगे?
जवाब- कर्मचारी उस फॉर्म को पास वाले स्टेशन के GRP पुलिस चौकी में भेज देगें, जो पीड़ित को उसके मामले में की गई कार्रवाई से अवेयर कराएगा। इसके अलावा, अगर पीड़ित व्यक्ति को प्राथमिकी दर्ज करने में कोई परेशानी आ रही हो, तो वह किसी भी मदद के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आर.पी.एफ. सहायता पोस्ट से संपर्क कर सकते हैं।
सवाल- अगर हम एक राज्य से दूसरे राज्य जा रहे हैं और चलती ट्रेन में सामान चोरी हो जाए, तो किस राज्य में शिकायत करनी होगी?
जवाब- इस सवाल का जवाब एक उदाहरण से समझिए-
मान लीजिए, आप मध्यप्रदेश से बिहार के किसी भी शहर में जा रहे हैं और आपका सामान चलती ट्रेन में चोरी हो गया है, लेकिन इस बात का पता आपको इलाहाबाद यानी उत्तरप्रदेश में लगता है। तब ऐसी सिचुएशन में आपको जिस राज्य में चोरी की घटना का पता लगा है, उसी राज्य में शिकायत दर्ज होगी।
वहां के GRP स्टेशन को आपकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। अगर किसी कस्बे, गांव या छोटे शहर में आपको चोरी की बात पता लगती है, तो आप चलती ट्रेन में लिखित शिकायत कर सकते हैं और आने वाले GRP स्टेशन में आपकी शिकायत आगे बढ़ा दी जाएगी।
सवाल- आजकल हर काम ऑनलाइन होने लगा है, क्या हम ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं?
जवाब- जी बिल्कुल, पैसेंजर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवा सकते हैं। रेल मदद ऐप में आप आसानी से कम्प्लेन कर सकते हैं। इसे जीरो FIR माना जाएगा और इस पर तुरंत जांच शुरू हो जाएगी।
सवाल- जीरो एफआईआर का मतलब क्या होता है?
जवाब- जीरो FIR में किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है और इसे बाद में उपयुक्त थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
नीचे हम रेल मदद ऐप के बारे में जानकारी दे रहे हैं, क्योंकि बहुत से पैसेंजर ने हमसे बातचीत में कहा है कि इस ऐप पर शिकायत करने के बाद उनकी परेशानी को तुरंत समझा गया और उस पर एक्शन लिया गया है।
सवाल- क्या रेल मदद ऐप पर सिर्फ सामान चोरी होने की शिकायत ही दर्ज कराई जा सकती है या कोई और भी?
जवाब- किसी भी तरह की शिकायत आप रेल मदद ऐप पर कर सकते हैं। जैसे- बाथरूम साफ नहीं है, किसी तरह की चोरी या फिर छेड़छाड़ की घटना। इसके अलावा आप कोई सुझाव भी दे सकते हैं।
रेल मदद ऐप पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
सवाल-ट्रेन के अलावा भारत के लोग बस में भी चलते हैं और इसमें सामान चोरी होने की घटनाएं बहुत होती हैं, ऐसे में पैसेंजर कहां शिकायत कर सकते हैं?
एडवोकेट अविनाश गोयल- इस सिचुएशन में पैसेंजर के पास काफी कम ऑप्शन रहते हैं।
- पहला ये कि वो बस के ड्राइवर और कंडक्टर को इस बात की जानकारी दें।
- दूसरा ये कि जिस एरिया में आपको चोरी की जानकारी हुई है, वहां के पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।
- ये दोनों काम आपको जल्द से जल्द करने चाहिए, ताकि पुलिस चोर को जल्दी पकड़ सके। वो ज्यादा दूर भाग न पाए।
ट्रेन के बाद बस और बस के बाद नंबर आता है फ्लाइट का। जी हां, कई मध्यम वर्गीय लोग भी आजकल फ्लाइट में ट्रैवल करने लगे हैं। चलिए जान लीजिए कि अगर फ्लाइट में आपका सामान चोरी हो जाए, तो पैसेंजर के पास उसे वापस लेने का क्या ऑप्शन है। इसके लिए नीचे दिए ग्राफिक को पढ़ें और दूसरों को भी शेयर करें-
कैसे मिलेगा कंपनसेशन
इसके लिए पैसेंजर को थोड़ी मेहनत करनी होगी और सबसे पहले जिला कंज्यूमर कमीशन में लिखित शिकायत करनी पड़ेगी। केस चलेगा। जब जजमेंट आएगा और आपकी बात सही हुई, तो आपको इन चीजों का खर्चा मिलेगा-





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