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हिमंत बिस्वा सरमा ने मुस्लिम महिलाओं से अपील की- दो ही बच्चे पैदा करें

हिंदुओं के खिलाफ ऑल यूनियन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल की विवादित टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- महिलाएं बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है। अजमल सिर्फ वोट बैंक के लिए एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि महिलाएं ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करती रहें, लेकिन मेरा कहना है कि अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो अजमल बच्चों के बड़े होने तक उनकी परवरिश करें और उनका खर्चा उठाएं।

दो बच्चे पैदा करने की अपील
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- 'मैं अपनी मुस्लिम बहनों से कहना चाहता हूं कि बदरुद्दीन की बात न सुनें। दो से ज्यादा बच्चे पैदा मत करो। अगर एक महिला कई बच्चों को जन्म देती है, तो इसका असर उस पर शारीरिक रूप से पड़ेगा, इतना ही नहीं हमारे समाज पर भी इसका असर पड़ेगा और असम तबाह हो जाएगा।'

AJP, तृणमूल और भाजपा ने की शिकायत
असम जातीय परिषद (AJP) राज्य के विभिन्न हिस्सों में धुबरी के सांसद बदरुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा ने भी शनिवार को इस मामले में पुलिस के समक्ष एक लिखित बयान दिया था। भाजपा ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।

अजमल ने दिया था ये विवादित बयान
शुक्रवार को अजमल ने कहा था- हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनाना चाहिए। बच्चों की शादी कम उम्र में ही कर देनी चाहिए। मुस्लिम युवक 20 से 22 साल की उम्र में शादी करते हैं और मुस्लिम महिलाएं 18 साल की उम्र में, जो संवैधानिक है। हिंदू शादी से पहले एक, दो या तीन अवैध पत्नियां रखते हैं। वे बच्चों को जन्म नहीं देते, खुद का आनंद लेते हैं और पैसा बचाते हैं।

लव जिहाद पर बोले- हमारी लड़कियां ले जाओ
अजमल ने कहा- मुख्यमंत्री आज देश के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। तो उन्हें कौन रोक रहा है? आप भी 'लव जिहाद' करो और हमारी मुस्लिम लड़कियों को ले जाओ। हम इसका स्वागत करेंगे और लड़ाई भी नहीं करेंगे। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले दिल्ली में एक रोड शो में, CM सरमा ने कहा था- भारत को आफताब जैसे व्यक्ति की नहीं, बल्कि भगवान राम जैसे व्यक्ति की जरूरत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत है।

विवाद बढ़ा तो बदरुद्दीन ने माफी मांगी
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने हिंदुओं को लेकर किए अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। उन्होंने कहा- अगर मेरे शब्दों से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। मेरा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। मैं केवल इतना चाहता हूं कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ न्याय करे और उन्हें शिक्षा और रोजगार दे।

स्मृति ने भी किया विरोध
BJP नेता स्मृति ईरानी सहित कई बड़े नेताओं ने अजमल के बयान के बाद उन पर तीखा हमला किया। ईरानी ने कहा कि लड़की किसी भी धर्म की हो। इस प्रकार की टिप्पणी सही नहीं है। अजमल अगर अपने धर्म की बेटी का इस प्रकार से अपमान कर रहे हैं, तो यह सोचने का विषय है।

गिरिराज सिंह बोले- बदरुद्दीन जैसे लोग हमें नसीहत ना दें
केंद्रीय मंत्री और BJP नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि बदरुद्दीन और ओवैसी जैसे लोग हमें नसीहत ना दें। सनातन धर्म में सदैव प्रेम की पूजा होती रही है। इसी का प्रतीक है कि हमारे पूर्वज राजा सागर के साठ हजार पुत्र थे, तो वहीं कृष्ण की 16,000 प्रेमिका और पत्नियां थीं। आज भारत में वही मुसलमान हैं, जिसे मुगल काल में मुगल काल में मुगलों ने सम्मान नहीं दिया था।

।हिंदुओं के खिलाफ ऑल यूनियन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल की विवादित टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- महिलाएं बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है। अजमल सिर्फ वोट बैंक के लिए एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि महिलाएं ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करती रहें, लेकिन मेरा कहना है कि अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो अजमल बच्चों के बड़े होने तक उनकी परवरिश करें और उनका खर्चा उठाएं।

दो बच्चे पैदा करने की अपील
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- 'मैं अपनी मुस्लिम बहनों से कहना चाहता हूं कि बदरुद्दीन की बात न सुनें। दो से ज्यादा बच्चे पैदा मत करो। अगर एक महिला कई बच्चों को जन्म देती है, तो इसका असर उस पर शारीरिक रूप से पड़ेगा, इतना ही नहीं हमारे समाज पर भी इसका असर पड़ेगा और असम तबाह हो जाएगा।'

AJP, तृणमूल और भाजपा ने की शिकायत
असम जातीय परिषद (AJP) राज्य के विभिन्न हिस्सों में धुबरी के सांसद बदरुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा ने भी शनिवार को इस मामले में पुलिस के समक्ष एक लिखित बयान दिया था। भाजपा ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।

अजमल ने दिया था ये विवादित बयान
शुक्रवार को अजमल ने कहा था- हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनाना चाहिए। बच्चों की शादी कम उम्र में ही कर देनी चाहिए। मुस्लिम युवक 20 से 22 साल की उम्र में शादी करते हैं और मुस्लिम महिलाएं 18 साल की उम्र में, जो संवैधानिक है। हिंदू शादी से पहले एक, दो या तीन अवैध पत्नियां रखते हैं। वे बच्चों को जन्म नहीं देते, खुद का आनंद लेते हैं और पैसा बचाते हैं।

लव जिहाद पर बोले- हमारी लड़कियां ले जाओ
अजमल ने कहा- मुख्यमंत्री आज देश के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। तो उन्हें कौन रोक रहा है? आप भी 'लव जिहाद' करो और हमारी मुस्लिम लड़कियों को ले जाओ। हम इसका स्वागत करेंगे और लड़ाई भी नहीं करेंगे। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले दिल्ली में एक रोड शो में, CM सरमा ने कहा था- भारत को आफताब जैसे व्यक्ति की नहीं, बल्कि भगवान राम जैसे व्यक्ति की जरूरत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत है।

विवाद बढ़ा तो बदरुद्दीन ने माफी मांगी
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने हिंदुओं को लेकर किए अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। उन्होंने कहा- अगर मेरे शब्दों से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। मेरा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। मैं केवल इतना चाहता हूं कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ न्याय करे और उन्हें शिक्षा और रोजगार दे।

स्मृति ने भी किया विरोध
BJP नेता स्मृति ईरानी सहित कई बड़े नेताओं ने अजमल के बयान के बाद उन पर तीखा हमला किया। ईरानी ने कहा कि लड़की किसी भी धर्म की हो। इस प्रकार की टिप्पणी सही नहीं है। अजमल अगर अपने धर्म की बेटी का इस प्रकार से अपमान कर रहे हैं, तो यह सोचने का विषय है।

गिरिराज सिंह बोले- बदरुद्दीन जैसे लोग हमें नसीहत ना दें
केंद्रीय मंत्री और BJP नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि बदरुद्दीन और ओवैसी जैसे लोग हमें नसीहत ना दें। सनातन धर्म में सदैव प्रेम की पूजा होती रही है। इसी का प्रतीक है कि हमारे पूर्वज राजा सागर के साठ हजार पुत्र थे, तो वहीं कृष्ण की 16,000 प्रेमिका और पत्नियां थीं। आज भारत में वही मुसलमान हैं, जिसे मुगल काल में मुगल काल में मुगलों ने सम्मान नहीं दिया था।

।हिंदुओं के खिलाफ ऑल यूनियन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल की विवादित टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- महिलाएं बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है। अजमल सिर्फ वोट बैंक के लिए एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि महिलाएं ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करती रहें, लेकिन मेरा कहना है कि अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो अजमल बच्चों के बड़े होने तक उनकी परवरिश करें और उनका खर्चा उठाएं।

दो बच्चे पैदा करने की अपील
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- 'मैं अपनी मुस्लिम बहनों से कहना चाहता हूं कि बदरुद्दीन की बात न सुनें। दो से ज्यादा बच्चे पैदा मत करो। अगर एक महिला कई बच्चों को जन्म देती है, तो इसका असर उस पर शारीरिक रूप से पड़ेगा, इतना ही नहीं हमारे समाज पर भी इसका असर पड़ेगा और असम तबाह हो जाएगा।'

AJP, तृणमूल और भाजपा ने की शिकायत
असम जातीय परिषद (AJP) राज्य के विभिन्न हिस्सों में धुबरी के सांसद बदरुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा ने भी शनिवार को इस मामले में पुलिस के समक्ष एक लिखित बयान दिया था। भाजपा ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।

अजमल ने दिया था ये विवादित बयान
शुक्रवार को अजमल ने कहा था- हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनाना चाहिए। बच्चों की शादी कम उम्र में ही कर देनी चाहिए। मुस्लिम युवक 20 से 22 साल की उम्र में शादी करते हैं और मुस्लिम महिलाएं 18 साल की उम्र में, जो संवैधानिक है। हिंदू शादी से पहले एक, दो या तीन अवैध पत्नियां रखते हैं। वे बच्चों को जन्म नहीं देते, खुद का आनंद लेते हैं और पैसा बचाते हैं।

लव जिहाद पर बोले- हमारी लड़कियां ले जाओ
अजमल ने कहा- मुख्यमंत्री आज देश के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। तो उन्हें कौन रोक रहा है? आप भी 'लव जिहाद' करो और हमारी मुस्लिम लड़कियों को ले जाओ। हम इसका स्वागत करेंगे और लड़ाई भी नहीं करेंगे। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले दिल्ली में एक रोड शो में, CM सरमा ने कहा था- भारत को आफताब जैसे व्यक्ति की नहीं, बल्कि भगवान राम जैसे व्यक्ति की जरूरत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत है।

विवाद बढ़ा तो बदरुद्दीन ने माफी मांगी
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने हिंदुओं को लेकर किए अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। उन्होंने कहा- अगर मेरे शब्दों से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। मेरा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। मैं केवल इतना चाहता हूं कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ न्याय करे और उन्हें शिक्षा और रोजगार दे।

स्मृति ने भी किया विरोध
BJP नेता स्मृति ईरानी सहित कई बड़े नेताओं ने अजमल के बयान के बाद उन पर तीखा हमला किया। ईरानी ने कहा कि लड़की किसी भी धर्म की हो। इस प्रकार की टिप्पणी सही नहीं है। अजमल अगर अपने धर्म की बेटी का इस प्रकार से अपमान कर रहे हैं, तो यह सोचने का विषय है।

गिरिराज सिंह बोले- बदरुद्दीन जैसे लोग हमें नसीहत ना दें
केंद्रीय मंत्री और BJP नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि बदरुद्दीन और ओवैसी जैसे लोग हमें नसीहत ना दें। सनातन धर्म में सदैव प्रेम की पूजा होती रही है। इसी का प्रतीक है कि हमारे पूर्वज राजा सागर के साठ हजार पुत्र थे, तो वहीं कृष्ण की 16,000 प्रेमिका और पत्नियां थीं। आज भारत में वही मुसलमान हैं, जिसे मुगल काल में मुगल काल में मुगलों ने सम्मान नहीं दिया था।

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हिंदुओं के खिलाफ ऑल यूनियन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल की विवादित टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- महिलाएं बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है। अजमल सिर्फ वोट बैंक के लिए एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि महिलाएं ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करती रहें, लेकिन मेरा कहना है कि अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो अजमल बच्चों के बड़े होने तक उनकी परवरिश करें और उनका खर्चा उठाएं।

दो बच्चे पैदा करने की अपील
CM हिमंत बिस्वा सरमआ ने कहा- ‘मैं अपनी मुस्लिम बहनों से कहना चाहता हूं कि बदरुद्दीन की बात न सुनें। दो से ज्यादा बच्चे पैदा मत करो। अगर एक महिला कई बच्चों को जन्म देती है, तो इसका असर उस पर शारीरिक रूप से पड़ेगा, इतना ही नहीं हमारे समाज पर भी इसका असर पड़ेगा और असम तबाह हो जाएगा।’

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असम जातीय परिषद (AJP) राज्य के विभिन्न हिस्सों में धुबरी के सांसद बदरुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा ने भी शनिवार को इस मामले में पुलिस के समक्ष एक लिखित बयान दिया था। भाजपा ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।

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शुक्रवार को अजमल ने कहा था- हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनाना चाहिए। बच्चों की शादी कम उम्र में ही कर देनी चाहिए। मुस्लिम युवक 20 से 22 साल की उम्र में शादी करते हैं और मुस्लिम महिलाएं 18 साल की उम्र में, जो संवैधानिक है। हिंदू शादी से पहले एक, दो या तीन अवैध पत्नियां रखते हैं। वे बच्चों को जन्म नहीं देते, खुद का आनंद लेते हैं और पैसा बचाते हैं।

लव जिहाद पर बोले- हमारी लड़कियां ले जाओ
अजमल ने कहा- मुख्यमंत्री आज देश के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। तो उन्हें कौन रोक रहा है? आप भी ‘लव जिहाद’ करो और हमारी मुस्लिम लड़कियों को ले जाओ। हम इसका स्वागत करेंगे और लड़ाई भी नहीं करेंगे। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले दिल्ली में एक रोड शो में, CM सरमा ने कहा था- भारत को आफताब जैसे व्यक्ति की नहीं, बल्कि भगवान राम जैसे व्यक्ति की जरूरत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत है।

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स्मृति ने भी किया विरोध
BJP नेता स्मृति ईरानी सहित कई बड़े नेताओं ने अजमल के बयान के बाद उन पर तीखा हमला किया। ईरानी ने कहा कि लड़की किसी भी धर्म की हो। इस प्रकार की टिप्पणी सही नहीं है। अजमल अगर अपने धर्म की बेटी का इस प्रकार से अपमान कर रहे हैं, तो यह सोचने का विषय है।

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