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लोकायुक्त ने सहकारी बैंक के सीईओ को किया गिरफ्तार:केबिन में बैठकर ले रहे थे इतने हजार की रिश्वत, रिटायरमेंट को बचे थे सिर्फ 6 माह

लोकायुक्त ने सहकारी बैंक के सीईओ को किया गिरफ्तार:केबिन में बैठकर ले रहे थे बीस हजार रुपए की रिश्वत, रिटायरमेंट को बचे थे सिर्फ 6 माह

लोकायुक्त ने सहकारी बैंक के सीईओ को किया गिरफ्तार:केबिन में बैठकर ले रहे थे बीस हजार रुपए की रिश्वत, रिटायरमेंट को बचे थे सिर्फ 6 माह

कार्यालय बुलाकर अपनी कुर्सी में बैठकर ही रिश्वत लेने वाले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार की रिश्वत लेते सोमवार की शाम को गिरफ्तार किया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी का नाम वीरेश कुमार जैन है जिनके रिटायरमेंट को महज 6 माह बचे थे। जबलपुर के मझोली निवासी राधे लाल यादव की शिकायत पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मंझोली निवासी राधेलाल यादव ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी संजय साहू को शिकायत कर बताया था कि वह प्राथमिक कृषि साख सहकारी तलाड में समिति प्रबंधक के पद पर पदस्थ था, सितंबर 2022 में उसके ऊपर झूठे आरोप लगाते हुए संभागीय अधिकारी से शिकायत कर उसे सेवा से बर्खास्त करवा दिया गया जिसके खिलाफ वह हाईकोर्ट गए थे, जहां से न्यायालय ने उसकी सेवा समाप्ति पर स्टे दिया। हाईकोर्ट का आदेश लेकर वह कई दिनों से अपनी जॉइनिंग के लिए जिला सहकारी कार्यालय में भटक रहा था पर उनकी नियुक्ति नही की जा रहीं थी।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरेश कुमार जैन ने राधेलाल गुप्ता से जाइनिंग एवं चार्ज दिलाने के एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत राधेलाल यादव ने जबलपुर लोकायुक्त से की, आज वीरेश कुमार जैन जब अपने कार्यालय के केबिन में राधेलाल यादव से 20 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे थे उसी दौरान जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरेश कुमार जैन के खिलाफ 2013 में 1करोड़ रुपए से अधिक के गबन के मामले की जांच जबलपुर लोकायुक्त पुलिस पहले से कर रहीं थी। लोकायुक्त की जांच के दायरे में आने के बावजूद भी 2021 सितंबर को पुनः विनेश कुमार जैन की जबलपुर में पोस्टिंग की गई थी।

कार्यालय बुलाकर अपनी कुर्सी में बैठकर ही रिश्वत लेने वाले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार की रिश्वत लेते सोमवार की शाम को गिरफ्तार किया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी का नाम वीरेश कुमार जैन है जिनके रिटायरमेंट को महज 6 माह बचे थे। जबलपुर के मझोली निवासी राधे लाल यादव की शिकायत पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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मंझोली निवासी राधेलाल यादव ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी संजय साहू को शिकायत कर बताया था कि वह प्राथमिक कृषि साख सहकारी तलाड में समिति प्रबंधक के पद पर पदस्थ था, सितंबर 2022 में उसके ऊपर झूठे आरोप लगाते हुए संभागीय अधिकारी से शिकायत कर उसे सेवा से बर्खास्त करवा दिया गया जिसके खिलाफ वह हाईकोर्ट गए थे, जहां से न्यायालय ने उसकी सेवा समाप्ति पर स्टे दिया। हाईकोर्ट का आदेश लेकर वह कई दिनों से अपनी जॉइनिंग के लिए जिला सहकारी कार्यालय में भटक रहा था पर उनकी नियुक्ति नही की जा रहीं थी।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरेश कुमार जैन ने राधेलाल गुप्ता से जाइनिंग एवं चार्ज दिलाने के एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत राधेलाल यादव ने जबलपुर लोकायुक्त से की, आज वीरेश कुमार जैन जब अपने कार्यालय के केबिन में राधेलाल यादव से 20 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे थे उसी दौरान जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

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जानकारी के मुताबिक सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरेश कुमार जैन के खिलाफ 2013 में 1करोड़ रुपए से अधिक के गबन के मामले की जांच जबलपुर लोकायुक्त पुलिस पहले से कर रहीं थी। लोकायुक्त की जांच के दायरे में आने के बावजूद भी 2021 सितंबर को पुनः विनेश कुमार जैन की जबलपुर में पोस्टिंग की गई थी।

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