नई दिल्ली
देश की आर्थिक दिशा, वैश्विक भूमिका और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टि पर केंद्रित Rising Bharat Summit 2026 का आज यानी 27 फरवरी 2026 से आगाज हो रहा है. दो दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से होगा. उनके संबोधन से समिट की रूपरेखा और नीति-आधारित चर्चाओं की दिशा तय होने की उम्मीद है. समिट में कारोबार, प्रौद्योगिकी, वैश्विक निवेश और रणनीतिक मामलों से जुड़े देश-विदेश के कई दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बढ़ती भूमिका और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर प्रकाश डाल सकते हैं.
व्यवसाय और टेक्नोलॉजी जगत से दिग्गज निवेशक रमेश दमानी, डेविड टेट, टेक उद्यमी विशाल सिक्का और शशि शेखर वेम्पति जैसे वक्ता मंच साझा करेंगे. इन सत्रों में पूंजी प्रवाह, उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर चर्चा होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और समिट इन विषयों पर ठोस नीति सुझावों का मंच बन सकता है.
रणनीतिक विमर्श
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से जॉर्ज यो, निक कार्टर, और कार्लोस एम. गुतेरेज जैसे वक्ता हिस्सा लेंगे. इनके साथ विभिन्न देशों के राजदूत ग्लोबल गवर्नेंस, सुरक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी पर अपने विचार रखेंगे. इन सत्रों में भू-राजनीतिक बदलाव, इंडो-पैसिफिक रणनीति, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी विभिन्न सत्रों में शामिल होंगी. इनके संबोधन में व्यापार विस्तार, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल गवर्नेंस, एविएशन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं के बीच संवाद से निवेश, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर ठोस चर्चा की उम्मीद है.
सिम कार्ड बाइंडिंग और डिजिटल अरेस्ट पर क्या बोले सिंधिया?
राइजिंग भारत समिट-2026 के मंच से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम और मोबाइल प्रौद्योगिकी आज कोई विलासिता नहीं रह गई है, यह हमारी नसों में दौड़ने वाले रक्त के समान है. यह एक अदृश्य राजमार्ग है, जिसके माध्यम से कंटेंट आगे बढ़ता है. संचार के क्षेत्र में हमारा दायित्व है कि नकारात्मक बाह्य प्रभावों को रोकने के लिए एक फायरवॉल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. हमें साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी चुनौतियों से सुरक्षा सुनिश्चित करनी है. सिम बाइंडिंग समय की आवश्यकता बन गई है. सिंधिया ने आगे कहा कि यह वह मार्ग है, जिसके आधार पर व्यापार, संचार और आजीविका संचालित होती है.
ओपनिंग सेशन में ज्योतिरादित्य सिंधिया रखेंगे अपनी राय
उद्घाटन सत्र, जिसका शीर्षक ‘Aspirations Uninterrupted: Connecting a Billion Dreams’ है, में केंद्रीय संचार मंत्री और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया शामिल होंगे. वह देशभर में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और नागरिकों को सशक्त बनाने के अपने दृष्टिकोण को साझा करेंगे.





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