Breaking News
[the_ad id='4127']
[the_ad id="4127"]

नौसेना ने संभाली कमान, LPG की कमी नहीं होगी, होर्मुज से तेज़ी से निकलेंगे भारत के जहाज

नई दिल्ली/तेहरान

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी समुद्र में अपनी तैयारी तेज कर दी है. खबर है कि भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत फारस की खाड़ी के पास तैनात हैं और भारत की ओर आने वाले व्यापारी जहाजों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार रखे गए हैं. यानी हालात चाहे जितने तनावपूर्ण हों, भारत अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहता. न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी थी. यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान ने भारत के लिए राहत भरा संदेश दिया है. ईरानी अधिकारियों ने भारत की ओर आ रहे दो भारतीय झंडे वाले LPG जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है. ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण लगातार इन जहाजों पर खतरा बना है।

See also  टोक्यो में उमड़ा अपनापन, प्रवासी भारतीयों ने किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोरदार स्वागत

शिवालिक जहाज कब पहुंचेगा भारत?
इनमें से एक जहाज शिवालिक बताया जा रहा है, जो जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली साइट के मुताबिक ओमान की खाड़ी में दिखा था और 21 मार्च तक अपने गंतव्य पर पहुंच सकता है. इससे साफ है कि भारी तनाव के बावजूद भारत की ओर से समुद्री हितों को लेकर अलग तरह की संवेदनशीलता दिखाई जा रही है. लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू कहीं ज्यादा गंभीर है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है, जहां से हर दिन दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बन सकती है।

See also  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नक्सली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति देने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे।

फारस की खाड़ी में भारत के कितने जहाज मौजूद?
केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दी थी. मंत्रालय के मुताबिक इस समय फारस की खाड़ी में 24 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक भी मौजूद हैं. यानी कुल मिलाकर बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मी इस संवेदनशील क्षेत्र में सक्रिय हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मूज से निकलेंगे भारतीय जहाज
इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत की ओर आने वाले जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. उन्होंने भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती और साझा हितों का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि भारतीय जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा. इस बयान ने भारत के लिए कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन क्षेत्र की हालत ऐसी है कि भरोसे के साथ-साथ चौकन्नापन भी जरूरी है. वहीं ईरानी विदेश मंत्री ने साफ कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मूज पूरी दुनिया के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए नहीं।

See also  तमिलनाडु के 8 दल और नंबर गेम में उलझे थलपति, कौन किसका समर्थन करेगा?
Author:

Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

[the_ad id='4119']
Verified by MonsterInsights