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रसोई में इंडक्शन चूल्हा रखने की सही दिशा क्या है? वास्तु के इन नियमों का पालन करने से घर में आएगी सुख-समृद्धि

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG गैस आपूर्ति से लोगों में चिंता बढ़ी है, जिससे इंडक्शन की मांग बढ़ रही है. लेकिन इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाते समय वास्तु शास्त्र के ये नियम जानना जरूरी है.

इंडक्शन के लिए वास्तु नियम
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद पश्चिमी एशिया (Middle East War) में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हमले और जंग के बीच भारत में भी संकट मंडराने लगा है और यह संकट है LPG गैस सिलेंडर का. एलपीजी की आपूर्ति के पैनिक के बीच लोग अपने घरों में इंडक्शन चूल्हे का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं और बाजार में भी इंडक्शन की डिमांड बढ़ने लगी है.

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एलपीजी संकट के बीच लोग इंडक्शन चूल्हे को विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं. वहीं कुछ परिवार पहले से ही खाना पकाने के लिए रसोई में इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाते समय आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ नियम जरूर जान लेने चाहिए. वास्तु से जुड़ी इन नियमों की अनदेखी करने पर रसोई की सकारात्मक ऊर्जा बाधित हो सकती है. आइए जानते हैं Induction चूल्हा पर खाना पकाते समय किन बातों का रखें ध्यान और किन नियमों का करें पालन.

सही दिशा में रखें इंडक्शन चूल्हा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोईघर में आग से जुड़े (अग्नि तत्व) उपकरणों के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण को शुभ माना जाता है. इसलिए इंडक्शन चूल्हा भी इसी दिशा में रखना बेहतर होता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. सकारात्मक ऊर्जा के सर्वोत्तम प्रवाह के लिए आप आदर्श रूप से रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में इंडक्शन रख सकते हैं. लेकिन किसी कारण इस दिशा में स्थान न हो या इस दिशा में चूल्हा रखना संभव न हो तो विकल्प के तौर पर उत्तर-पश्चिम में भी रखा जा सकता है.

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    इस बात का खास ध्यान रखें कि, इंडक्शन पर खाना पकाने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए. इससे सेहत अच्छी रहती है और सकारात्मकता का संचार बढ़ता है.
    साथ ही इंडक्शन को ठीक सिंक या पानी वाले स्थान (जल तत्व) के बगल में भी नहीं रखें. क्योंकि इससे आग और पानी का टकराव होता है.
    इंडक्शन को उत्तर-पूर्व (शांत या पानी वाला जोन) या दक्षिण-पश्चिम (स्थिरता/पृथ्वी वाला जोन) में नहीं रखना चाहिए.
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस स्थान पर इंडक्शन चूल्हा रखा गया हो, वहां साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें. इंडक्शन के आस-पास गंदनी न करें और जूठे बर्तन न रखें. ऐसा करने से रसोई की ऊर्जा खराब होती है.

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