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कक्षा 6-8 के बच्चों का लर्निंग गैप होगा दूर, यूपी में लागू होगा लर्निंग इनहैंसमेंट प्रोग्राम

लखनऊ
निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा पांच तक बच्चों की बुनियादी दक्षताओं पर फोकस के बाद अब कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों में लर्निंग गैप दूर करने के लिए लर्निंग इनहैंसमेंट प्रोग्राम (एलईपी) लागू किया जाएगा। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2026-27 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की स्वीकृति के बाद राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जिलों को कार्यक्रम के क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विद्यार्थियों का बेसलाइन और एंडलाइन आकलन होगा और कमजोर दक्षताओं वाले बच्चों को जरूरत के मुताबिक ‘कैच-अप’ शिक्षण कराया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का आकलन कर लर्निंग गैप की पहचान करना और विषयवार अपेक्षित दक्षता हासिल कराना है। इसके लिए ‘तालिका’ और ‘निपुण ऐप’ के माध्यम से दक्षता आधारित आकलन किया जाएगा। आकलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और प्रोत्साहित भी किया जाएगा। विभाग के अनुसार नियमित कक्षा शिक्षण के बावजूद कुछ विद्यार्थी अपेक्षित दक्षताओं से पीछे रह जाते हैं।

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ऐसे बच्चों में समय रहते शैक्षिक सहयोग न मिलने पर लर्निंग गैप बढ़ता जाता है। इसलिए पहले बेसलाइन आकलन के जरिए बच्चों की वास्तविक स्थिति चिन्हित की जाएगी। इसके आधार पर स्तरवार समूह बनाकर लक्षित कैच-अप शिक्षण कराया जाएगा। इसके बाद एंडलाइन आकलन से यह देखा जाएगा कि बच्चों के सीखने में कितना सुधार हुआ। दोनों आकलनों के बीच विद्यार्थियों के अभ्यास कार्य की भी लगातार जांच होगी। एलईपी में बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया गया है।

कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान सर्किल और गणित सर्किल गठित किए जाएंगे। विज्ञान सर्किल में बच्चों को विज्ञान के मॉडल, प्रोजेक्ट और विज्ञान किट के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसी तरह गणित सर्किल के जरिए पहेली, संख्या पैटर्न, गणितीय खेल और माडल निर्माण जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। गणित किट का इस्तेमाल करते हुए बच्चों को गणितीय सिद्धांतों को रोजमर्रा के जीवन से जोड़कर समझने का अवसर दिया जाएगा। विज्ञान और गणित के शिक्षकों को इन सर्किलों का मेंटर बनाया जाएगा।

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अंग्रेजी में बच्चों की दक्षता सुधारने के लिए ईएलटीआई, प्रयागराज द्वारा विकसित इंग्लिश ग्रामर बुक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ अंग्रेजी शिक्षण के लिए विकसित वीडियो का भी उपयोग कराया जाएगा। विभाग द्वारा विद्यालयों में उपलब्ध पुस्तकालय और रीडिंग कार्नर को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया है।

शिक्षक संकुल की एजेंडा आधारित मासिक बैठकों में कैच-अप शिक्षण की रणनीतियों पर अनिवार्य सत्र होगा। शिक्षक अपने अनुभव और सफल प्रयोग साझा करेंगे। नई टीएलएम और गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इन आधार पर पढ़ाई की साप्ताहिक समीक्षा प्रधानाध्यापक करेंगे।

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