MP के जबलपूर में यूरिया गड़बड़ी पर एक्शन में शिवराज:CM ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, जबलपुर कमिश्नर से बोले- अब समझाने से काम नहीं चलेगा, FIR दर्ज कराएं

MP के जबलपुर में यूरिया सप्लाई में हुई गड़बड़ी पर CM शिवराज सिंह चौहान एक्शन मूड में आ गए। खाद के मुद्दे पर शुक्रवार सुबह उन्होंने जबलपुर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर-एसपी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। कमिश्नर से बोले कि अब कंपनियों को समझाने से काम नहीं चलेगा। दोषियों पर FIR दर्ज कराएं। सीएम ने आईजी-एसपी से पूछा कि कौन-कौन सी धाराएं लगेंगी। मैं चाहता हूं कि सख्त कार्रवाई हो। इस समय किसानों को खाद की जरूरत है। ऐसे में इस तरह से कतई नहीं चलेगा।
मीटिंग की शुरुआत में ही सीएम ने पूरी जानकारी पूछी। कहा कि मुझे बताएं कैसे और कहां गड़बड़ हुई। इस पर जबलपुर कमिश्नर ने सीएम को बताया, यूरिया खाद के आवंटन की जिम्मेदारी कृभको की थी। यह सात कंपनियों में से एक है, जो जबलपुर क्षेत्र में खाद की सप्लाई करती है। इसने एक अन्य कंपनी को परिवहन के लिए नियुक्त किया है। 25 अगस्त को जबलपुर में 2600 मीट्रिक टन के रैक लगे थे। कृभको को बता दिया गया था कि किस जिले को कितना आवंटन जाना है। यह खाद 28 से 31 अगस्त के बीच परिवहन किया गया, लेकिन इन्हें जो स्थान बताए गए थे, उनके स्थान पर यूरिया निजी स्थानों पर सप्लाई कर दिया गया। कृभको में परिवहनकर्ताओं (ट्रांसपोर्टर्स) ने निर्धारित जगहों पर कम सप्लाई की और कुछ जगहों पर यूरिया की सप्लाई ही नहीं की।
सीएम शिवराज सिंह चौहान को खाद के मामले में जानकारी देते जबलपुर कमिश्नर व अन्य अधिकारी। सीएम ने शुक्रवार सुबह इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी।
किसी को नहीं छोड़े
कमिश्नर से जानकारी लेने के बाद सीएम शिवराज ने कहा कि दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करें। मामले में कड़ी कार्रवाई हो। किसानों को खाद से वंचित करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। जिस समय खाद की आवश्यकता है, उस समय ऐसा होना एक गंभीर अपराध है।
प्रदेश में कहीं न हो खाद की किल्लत
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कहीं भी किसानों को खाद की दिक्कत नहीं होना चाहिए। जबलपुर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण में लगी कंपनियों को समझाने से काम नहीं चलेगा। दोषियों के विरुद्ध एक्शन लेकर बताएं। किसान तक खाद की आपूर्ति पर कड़ी नजर रखी जाए। जरूरत के समय किसान को खाद की कमी नहीं होना चाहिए। मीटिंग में कृषि उत्पादन आयुक्त शैलेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि अजीत केसरी भी मौजूद थे।





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