अपनी मां की लाश को छोड़कर पंजाब चली गई बेटी:बोली- शव ले जाने में 50 हजार खर्च आता, इसलिए अकेले जबलपुर से चली आई

इंसानी संवेदनाओं को झकझोर देने वाली खबर जबलपुर से है। 3 बेटियां और 1 बेटा होने के बावजूद मां का अंतिम संस्कार एक संस्था को करना पड़ा। बीमार मां की मौत हो गई तो बेटी उसे छोड़कर अपने ससुराल पंजाब चली गई। कॉल करने पर बोली- 50 हजार का खर्च आता, इसलिए मां को अस्पताल में ही छोड़ आई।
दो महीने पहले मां को लेकर होशंगाबाद आई थी
2 महीने पहले पूनम कौर अपनी मां रुक्मणी कौर को साथ लेकर होशंगाबाद आई थी। पिता एक्स आर्मी मैन थे, लिहाजा तबीयत बिगड़ी तो बेटी ने जबलपुर के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया। आर्मी हॉस्पिटल में जांच के बाद पता चला कि रुक्मणी को गैंगरीन है, जिसका इलाज यहां संभव नहीं है। पूनम ने मां को जबलपुर के जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इलाज के दौरान मां की मौत हो गई। इसके बाद बेटी शव को छोड़कर चुपचाप अपने ससुराल पंजाब लौट गई।
अस्पताल प्रबंधन ने रिकॉर्ड खंगाला तो फाइल में बेटी पूनम कौर का नंबर मिला। अंतिम संस्कार के लिए जबलपुर आने को कहा तो बेटी बोली- पंजाब तक शव लेकर जाने में 50 हजार का खर्च आता, इसीलिए शव को छोड़कर अकेले पंजाब चली आई। उसने अन्य रिश्तेदारों का नंबर दिया और आने से मना कर दिया। दूसरे रिश्तेदारों ने भी काम का बहाना बना दिया। ऐसे में जबलपुर की गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली को बुलाया गया। उन्होंने- हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया।





Users Today : 4
Users This Month : 250
Total Users : 234175
Views Today : 4
Views This Month : 459
Total views : 55860



