
सात साल के लम्बे अंतराल के बाद 36वें राष्ट्रीय खेल गुजरात में हो रहे हैं। मध्यप्रदेश 25 खेलों में भाग ले रहा है, इसमें 298 खिलाड़ी और 86 ऑफिसियल्स शामिल हैं। पिछली बार केरल में हुए राष्ट्रीय खेल में मध्यप्रदेश 91 पदक लेकर छठवें स्थान पर रहा था। इस बार शीर्ष पाँच में रहने का लक्ष्य रखा गया है। गुजरात में 29 सितंबर से 12 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रीय खेल अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, राजकोट, सूरत और भावनगर में होंगे।
संचालक खेल रविकुमार गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों को लेकर मध्यप्रदेश की अच्छी तैयारी है, परिणाम भी जैसा हम सोच रहे है, वैसा ही होने की उम्मीद है। पिछली बार हम छठवें स्थान पर थे। इस बार हम 100 पदकों का आंकडा भी पार करेंगे और अपनी रैंक में सुधार भी करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी हमारे प्रदेश का सम्मान बढ़ा रहे है, प्रथम तीन स्थान पाने वालों को नकद राशि तथा चौथे और पाँचवें स्थान प्राप्त करने वाले खिलाडि़यों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।
म.प्र. ओलिंपिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि म.प्र. दल का चयन क्वालीफिकेशन के आधार पर हुआ है। हमने सभी खेलों के कैंप एसोसिएशन के सहयोग से किए है। बाहरी खिलाडि़यों को म.प्र. से खिलाए जाने पर उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार सभी प्रदेश बाहरी खिलाडि़यों को अवसर देते है, हमने भी उसी नियम से मध्यप्रदेश टीम का चयन किया है। संयुक्त संचालक बीएस यादव ने कहा कि हमने सभी तैयारी और व्यवस्था कर ली है। इस बार हमारी टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। सभी खेलों के लिए विभाग ने अपने अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। प्रदेश में लगाये कैंप में सभी कोच और खिलाड़ी मेहनत कर रहे है। खेल विभाग ने म.प्र. ओलिंपिक संघ के माध्यम से सभी कैंपों में खेल सामग्री पहुँचाई है।
पुरस्कार राशि
राज्य सरकार राष्ट्रीय खेल के स्वर्ण पदक विजेता को पाँच लाख रूपये, रजत पदक विजेता को 3 लाख 20 हजार रूपये तथा कांस्य पदक विजेता को भी 3 लाख 20 हजार रूपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। इस बार चौथे और पाँचवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।





Users Today : 39
Users This Month : 757
Total Users : 235641
Views Today : 65
Views This Month : 884
Total views : 57920



