
जबलपुर में दशहरा पर्व के पहले ही गंगा-जमुनी तहजीब देखने को मिली है। यहां का एक मुस्लिम परिवार चार पीढ़ियों से दशहरा पर्व पर रावण- कुंभकर्ण के पुतले बनाता आ रहा है। जबलपुर शहर में सबसे बड़े रावण दहन कार्यक्रम पंजाबी-हिन्दू एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया जाता है। यह आयोजन ग्वारीघाट मैदान पर मंगलवार को होगा।
पुतलों को अंतिम रूप देने में लगे इफ्तेखार आलम कहते हैं बीते डेढ़ महीने से ग्वारीघाट मैदान पर रावण और कुंभकर्ण के पुतले बनाने का काम चल रहा है। 61 फीट के रावण के साथ 55 फीट का कुंभकर्ण बनाया जा रहा है। चार पीढ़ियाें से यह सिलसिला चला आ रहा है। रावण बनाने का काम उनके दादा ने शुरू किया था, उसके बाद पिता और अब वह खुद इसे बना रहे हैं। उनका बेटा भी रावण बनाने में साथ देता है।
इस साल उनका परिवार शहर में पांच स्थानों पर रावण बना रहा है। इसके अलावा नागपुर से भी उन्हें रावण बनाने का ऑर्डर मिला है। पुतले बनाने के लिए कागज, लकड़ी, रार, गम, घास और स्ससी का उपयोग किया जाता है। इस साल पंजाबी दशहरा पर अंबाला स्टाइल में रावण बनाया जा रहा है। अंबाला में 201 फीट का रावण बनता है, जबकि यहां 61 फीट का रावण बनाया जा रहा है।
Must read 👉जबलपुर में देर रात देवी के दर्शन करने निकला परिवार, चोर ताला तोड़कर जेवर, नकदी ले गए
Must read ,👇
रामायण के रावण ने इस्लाम कुबूल कर लिया हिन्दुओं की भावना को आहत किया है





Users Today : 0
Users This Month : 246
Total Users : 234171
Views Today :
Views This Month : 455
Total views : 55856



