
रामनवमी के मौके पर दुबई में रह रहे हिंदू समुदाय के लोगों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है। दुबई के जबेल अली इलाके में दशहरे से एक दिन पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन होने वाला है। इस भव्य मंदिर को कई सालों की मेहनत से तैयार किया गया है। कि यह मंदिर सिंधी गुरु दरबार मंदिर का विस्तार है, जो संयुक्त अरब अमीरात का सबसे पुराना हिंदू मंदिर है। इस मंदिर का शिलान्यास 2020 में किया गया था। इसके निर्माण के साथ ही हिंदू समुदाय का दशकों पुराना सपना पूरा हो जाएगा, जो इस इलाके में एक मंदिर की उम्मीद लंबे समय से कर रहे थे।
इस मंदिर में आम लोगों को आने की अनुमति 5 अक्टूबर से होगी। इस मंदिर में कुल 16 देवाताओं की मूर्तियां हैं। हिंदू समेत किसी भी धर्म को मानने वाले लोगों को मंदिर में आने की परमिशन होगी। इस मंदिर को अनौपचारिक तौर पर 1 सितंबर को ही खोल दिया था। तब से अब तक हजारों लोग मंदिर में जाकर उसकी डिजाइन और भव्यता को निहार चुके हैं। सफेद मार्बल पत्थर का इस्तेमाल इसे बनाने में बहुतायत से किया गया है। छत पर घंटियां लगाई गई हैं और अरबी एवं हिंदू ज्यामितीय डिजाइन से इसे तैयार किया गया है।
इस मंदिर में प्रवेश के लिए पहले से बुकिंग की जरूरत है। इसके लिए क्यूआर कोड आधारिक बुकिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इसके अलावा वेबसाइट पर जाकर भी बुकिंग कराई जा सकती है। पहले ही दिन से इस मंदिर में हजारों लोग आ चुके हैं। खासतौर पर साप्ताहिक अवकाश के मौकों पर लोग यहां आते रहे हैं। मंदिर के मुख्य गुंबद पर थ्री डी प्रिंट से तैयार गुलाबी रंग का कमल लहराता है। ज्यादातर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं प्रार्थना कक्ष में स्थापित की गई हैं। मंदिर में प्रवेश के लिए सुबह 6:30 से रात 8 बजे तक का समय तय किया गया है। हर दिन इस मंदिर में आसानी से 1 हजार से 1200 तक लोग आ सकते हैं।





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