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सिस्टम बनाए बिना कंपाउंडिंग को टीडीआर से जोड़ा

सवा साल पहले अवैध निर्माण को वैध करने के लिए कंपाउंडिंग की सीमा को 30% तक बढ़ाने के फैसले को राज्य सरकार ने पलट दिया है। अब सामान्य स्थिति में केवल 10% अवैध निर्माण ही वैध हो सकेगा। यदि आपको 20% अतिरिक्त अवैध निर्माण को वैध कराना है तो ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) सर्टिफिकेट खरीदना होगा।

अब सवाल ये है कि 4 साल पहले टीडीआर रूल्स तो बना दिए गए, लेकिन टीडीआर की खरीदी-बिक्री का सिस्टम ही डेवलप नहीं किया गया। ऐसे में हालात ये हैं कि न अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा और न ही इसे वैध करने की प्रक्रिया ही पूरी की जा सकेगी।

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कुछ डेवलपर्स ये भी सवाल उठा रहे हैं कि सरकार ने 30% की सीमा कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बढ़ाई थी। अगस्त 2021 से कंपाउंडिंग की सीमा को 10% से बढ़ाकर 30% कर दिया गया था। कंपाउंडिंग की सीमा को 3 गुना करने के बाद भी भोपाल के सिर्फ 3500 लोगों ने ही कंपाउंडिंग करवाई।

निगम के पास मौजूद आंकड़ें बताते हैं कि अभी 16 हजार से ज्यादा लोगों को कंपाउंडिंग करवाना बाकी है। बड़ा सवाल ये है कि जिन लोगों को जमीन अधिग्रहण के बदले में टीडीआर दिया जाएगा, वे इसे कैश कहां करवाएंगे? अफसरों के सुझाव पर सरकार ने 30% में से 20% कंपाउंडिंग को टीडीआर के जरिए बेचने का प्रावधान कर दिया है। इसका गुरुवार को गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

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