
22 नवंबर 1939 को यूपी में जन्मे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आज पैतृक निवास सैफई में अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर उत्तर प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक है। मध्यप्रदेश के जबलपुर से भी मुलायम सिंह यादव का नाता रहा है। रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच जबलपुर में भी अपना जन्मदिन मनाया था। स्व. मुलायम सिंह यादव के साथी सुरेश यादव भले ही कांग्रेसी थे, पर उनकी मुलायम सिंह यादव से गहरी यारी थी
।दैनिक पंचांग आज का पंचांग भारतीय ज्योतिष शास्त्र में 12 – Oct – 2022 Jabalpur, India
जबलपुर के रहने वाले सुरेश यादव ने बताया कि 1998 में रक्षा मंत्री रहते हुए जब वो जबलपुर आए थे ,तब उन्होंने अपनी एक पुस्तक का विमोचन करवाने के लिए मुलायम सिंह से मिलने का मन बनाया पर वो रक्षा मंत्री थे, उनका प्रोटोकॉल भी बहुत तगड़ा हुआ करता था। ऐसे में साइंस कॉलेज के प्रोफेसर ने पहली मर्तबा मुझे मुलायम सिंह यादव से मिलवाया। सुरेश यादव ने बताया कि मुझे अपनी पुस्तक का विमोचन करवाना था, तो मैंने प्रोफेसर साहब से मदद ली। प्रोफेसर साहब ने भी एक पत्र रक्षा मंत्री को लिखकर दे दिया, जिसमें पुस्तक विमोचन का उल्लेख किया गया था। मुलायम सिंह यादव ने पत्र पढ़ते ही अपनी तुरंत ही स्वीकृति दे दी, उसी दिन शाम को साइंस कॉलेज में पुस्तक विमोचन किया गया।
सुरेश यादव ने बताया कि रक्षा मंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव को गन कैरिज फैक्ट्री में कर्मचारियों की एक सभा को भी संबोधित करना था। ऐसे में उनके काफिले में दर्जनों गाड़ियां शुमार थीं, पर उन्होंने जब मेरी गाड़ी को देखा तो, कहा- सुरेश यादव की गाड़ी मेरी गाड़ी के पीछे रहेगी। मुलायम सिंह यादव ने जीसीएफ फैक्ट्री में कर्मचारियों की एक विशाल सभा को संबोधित किया। मुलायम सिंह यादव ने उनसे कहा था कि जब भी जबलपुर आना होगा, तुम्हारे घर जरूर आऊंगा, पर दुर्भाग्य से मैं उनको जबलपुर नहीं ला सका। हालांकि 2008 में चुनावी सभा को संबोधित करने वह जबलपुर जरूर आए थे, पर उसे उस दौरान उनकी व्यवस्था के कारण मेरी मुलाकात उनसे नहीं हो पाई।






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