Breaking News

ज़रूर जानिए करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की प्रथा क्यों है

ज़रूर जानिए करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की प्रथा क्यों है

               करवा चौथ 

हिन्दू धर्म में सुहागिन महिलाओ के लिए अपने पति की मंगलकामना के लिए कई व्रत बताये गये है जिसमे से एक है करवा चौथ का व्रत | यह हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है | यह व्रत दांपत्य जीवन में खुशहाली और प्रेम बढाता है साथ ही पति की आयु को बढ़ाने वाला माना जाता है |

क्राइम ब्रांच एवं मदनमहल पुलिस की संयुक्त कार्यवाही, आई.डी. प्रोवाईड कर ऑन लाईन क्रिकेट का सट्टा खिलवाने वाले 4 सटोरिये गिरफ्तार, नगद 11 लाख 45 हजार रूपये एवं 8 मोबाईल जप्त

See also  आज का राशिफल जानें कैसा है आप का भाग्य

 

“छलनी से चंद्रमा को देखना ”

चन्द्र देवता के दर्शन करके इस व्रत को महिलाये खोलती है |

चांद को छलनी से देखने के पीछे का रहस्य

करवा चौथ व्रत कथा में आई कहानी के अनुसार एक बार किसी बहन को उसके भाइयों ने भोजन कराने के लिए छल से चांद की बजाय छलनी की ओट में दीपक दिखाकर भोजन करवा दिया | बिना चाँद देखे व्रत तोड़ने के कारण बहिना का व्रत भंग हो गया | इस छल से वो अत्यंत दुखी हुई और उसने इससे उभरने के लिए पुरे साल चतुर्थी का व्रत रखने का प्रण ले लिया | इसके बाद आने वाली हर चतुर्थी पर विधि विधान से व्रत किया और जब फिर से करवा चौथ आई तब उसने अपने हाथ से छलनी के माध्यम से चाँद के दर्शन किये |

See also  आज का पंचांग, 06 दिसंबर: शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि, जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

छलनी के जरिये चंद्रमा के बारीकी से दर्शन कर वो आश्वत हुई कि इस बार उसका व्रत भंग नही हो पाया है | तब से यह परम्परा बन गयी की करवा चौथ की रात्रि व्रत धारी महिलाये छलनी से चन्द्र देवता को देखकर ही अपना व्रत खोलेगी |

थाना बेलखेड़ा अंतर्गत अवैध रूप से फार्चुनर कार में परिहन कर ले जायी जा रही 1750 पाव देशी शराब कीमती 1 लाख 13 हजार रूपये का तथा फार्चुनर कार कीमती 40 लाख रूपये की जप्त, फरार फार्चुनर कार चालक की तलाश

Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

Verified by MonsterInsights