Breaking News

NATO देशों को सता रहा पुतिन के हमले का डर

एक तरफ रूसी सैनिक यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में बमबारी और एयर स्ट्राइक को बढ़ाकर ज्यादा घाव दे रहा है। दूसरी ओर नाटो देशों ने यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई कम या बंद कर दी है। एपी की रिपोर्ट है कि यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई करते-करते नाटो देश खुद कंगाल हो गए हैं और अब उन्हें रूस के संभावित हमले से खुद की सुरक्षा की चिंता सता रही है। हालांकि यूक्रेन के लिए राहत यह है कि अमेरिका ने यूक्रेन को आर्थिक और हथियारों की मदद नहीं रोकी है।

इस मामले के जानकारों का कहना है कि अधिकतर नाटो देशों का यूक्रेन को मदद देने से अपने हाथ खींचना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बड़ी जीत के रूप में देखी जा सकती है। इस बात में कोई संदेह नहीं कि रूस दुनिया की महाशक्ति है और परमाणु हथियारों से लेकर कई घातक हथियारों का जखीरा रखे हुए है। पिछले एक साल में हालांकि रूस का हथियार भंडार भी प्रभावित हुआ है लेकिन, खत्म नहीं हुआ। हाल ही में रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर ईरानी ड्रोन से तबाही मचाई थी। अब रूसी सैनिक खेरसॉन शहर में यूक्रेनी सैनिकों को खदेड़ने में जुटे हैं।

See also  दूसरे विश्व युद्ध के दौर के प्लेन आसमान में भिड़े, US में 6 लोगों की मौत

कंगाल हो रहे नाटो देश
रिपोर्ट है कि कई यूरोपीय देश यूक्रेन को मदद करके खुद कंगाल हो गए हैं। कई नाटो देश इस वक्त हथियारों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें खुद की सुरक्षा का खतरा सता रहा है। पिछले कुछ महीनों में संयुक्त राज्य अमेरिका और कई नाटो देशों ने रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन को अरबों डॉलर के हथियार और उपकरण सप्लाई किए हैं। लेकिन अब कई छोटे नाटो देशों और यहां तक ​​​​कि कुछ बड़े देशों के पास हथियारों का जखीरा खत्म होने लगा है।

हथियार तुरंत तैयार करना लगभग असंभव
रिपोर्ट कहती है कि हथियारों का तुरंत निर्माण कई नाटो देशों के लिए मुश्किल है। दुनिया इस वक्त आर्थिक मंदी झेल रही है। ऐसे में कई छोटे नाटो देशों के पास तुरंत घातक हथियार आयात करना या तैयार करना लगभग असंभव है। कई बड़े देश भी इससे अछूते नहीं है। इसके पीछे बड़ी वजह मजबूत रक्षा क्षेत्र का न होना भी है।

See also  त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2022 के द्वितीय चरण में मतदान शाांति पूर्वक सम्पन्न कराने हेतु पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा के मार्ग निर्देशन में लगायी गयी चाक चैबंद व्यवस्था By manu Mishra 29June2022
Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

Verified by MonsterInsights