
भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने अवैध रूप से जुटाए गए धन की वसूली के मामले में सारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज की संपत्तियों की नीलामी की समयसीमा बढ़ाकर नौ नवंबर कर दी है। सेबी ने कहा कि बयाना जमा (ईएमडी) करने के लिए अधिक समय मांगने वाले बोलीदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ई-नीलामी की अंतिम तिथि बढ़ाकर 9 नवंबर करने का निर्णय लिया गया है।
नियामक ने बताया कि त्योहारी सीजन और नीलामी की अवधि के दौरान बैंक की छुट्टियों के कारण यह निर्णय उठाया गया है। सेबी के अनुसार, इससे पहले नीलामी एक नवंबर को तय की गई थी। सेबी 30 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर सारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज की 69 संपत्तियों की नीलामी करेगा।
यह कदम अवैध जमा योजनाओं के जरिये कंपनी द्वारा जनता से जुटाए गए धन की वसूली के सेबी के प्रयासों का हिस्सा है। नीलामी के लिए रखी जाने वाली संपत्तियों में पश्चिम बंगाल में स्थित लैंड भी शामिल हैं।
30 नवंबर को एक और नीलामी: जनता से कंपनियों द्वारा अवैध रूप से जुटाए गए एक और मामले में भी सेबी धन की वसूली के लिए 30 नवंबर को बिशाल ग्रुप ऑफ कंपनीज की 10 संपत्तियों की नीलामी करेगा। सेबी की तरफ से पिछले सप्ताह जारी नोटिस के अनुसार, बिशाल अबसन इंडिया लिमिटेड, बिशाल डिस्टिलर्स लिमिटेड, बिशाल एग्री-बायो इंडस्ट्रीज लिमिटेड और बिशाल हॉर्टिकल्चर एंड एनिमल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की सम्पतियों की नीलामी की जायेगी।
नीलामी में रखी गई 10 संपत्तियों में खाली जमीन और पश्चिम बंगाल में स्थित एक आवासीय संपत्ति शामिल हैं। इन संपत्तियों का कुल आरक्षित मूल्य 14.4 करोड़ रुपये आंका गया है।





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