
इस कैफे में प्लास्टिक का कचरा लाइये, चाय-कॉफी और नाश्ता पाइये
पर्यावरण प्रदूषण तमाम देशों के लिए एक गंभीर विषय बन चुका है। प्रदूषण से बचने के लिए कारगर तरीकों की खोज की जा रही है। अब कई देशों ने प्लास्टिक इस्तेमाल न करने की मुहिम भी शुरू कर दी है ताकि लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर पर नियंत्रण पाया जा सके। इसी सिलसिले में गुजरात के दाहोद में प्लास्टिक से निजात पाने के लिए एक अनोखी पहल की शुरूआत की गई है। आइये, इस पहल के बारे में जानते हैं।
दाहोद में एक कैफे खुला है, जहां आधा किलो प्लास्टिक का कचरा लाने पर लोगों को चाय और कॉफी दी जाएगी। अगर कोई एक किलोग्राम ऐसा कचरा लेकर आता है तो उसे कचौड़ी और समोसा जैसे स्नैक्स मिलेंगे। यह देश का तीसरा प्लास्टिक कैफे है। लोगों में जागरूकता लाने के लिए इस पहल की शुरूआत की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुए इस कैफे का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं।
एक तरह से यह कैफे प्लास्टिक बोतल-बैग आदि बीनने वालों के प्रति सम्मान का संकेत है क्योंकि ये लोग कस्बों और शहरों को साफ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दाहोद के जिला विकास अधिकारी रचित राज ने बताया कि उनकी इस पहल के तहत इकट्ठा होने वाले प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिलिंग के लिए भेजा जाएगा। बता दें कि देश के दो और शहरों में पहले ही ऐसे कैफे की शुरूआत हो चुकी है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी जगह पर प्लास्टिक के निवारण के लिए गारबेज कैफे की शुरूआत हुई है। इससे पहले छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर और दिल्ली के द्वारका इलाके में भी इस तरह के कैफे की शुरूआत हो चुकी है। यहां प्लास्टिक का कचरा देने पर नाश्ता और एक किलो प्लास्टिक का कचरा देने पर मुफ्त में खाना दिया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त पहल के चलते इन कैफे की शुरूआत की गई है।





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