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टालमटोल से नहीं, जीरो टॉलरेंस की नीति से खात्मा होगा आतंकवाद का: मोदी

टालमटोल से नहीं, जीरो टॉलरेंस की नीति से खात्मा होगा आतंकवाद का: मोदी

IndiaPosted at: Nov 18 2022 11:09AM
टालमटोल से नहीं, जीरो टॉलरेंस की नीति से खात्मा होगा आतंकवाद का: मोदी
नयी दिल्ली 18 नवंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा करार देते हुए इसे जड़ से मिटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से टालमटोल का रवैया छोड़कर इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आह्वान किया।

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श्री मोदी ने आज यहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आयोजित तीसरे ’आतंकवाद के लिए कोई धन नहीं’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि भारत दशकों से इस समस्या का सामना कर रहा है और लेकिन उसने दृढ़ प्रतिज्ञा ली है कि जब तक आतंकवाद का सफाया नहीं हो जाएगा वह चैन से नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का भारत में होने का अपना महत्व है क्योंकि भारत उस समय से आतंकवाद को झेल रहा है जब अधिकतर देशों ने इसको नजरअंदाज कर रखा था।
आतंकवाद को समूची मानवता के लिए खतरा करार देते हुए श्री मोदी ने कहा कि इसका गरीब लोगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है और लोगों की आजीविका समाप्त हो जाती है। आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए इसकी धन आपूर्ति के स्रोतों का पता लगाकर उन पर अंकुश लगाया जाना जरूरी है।इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देश अच्छे और बुरे आतंकवाद की बात करके परोक्ष रूप से इसका समर्थन करते हैं जो पूरी तरह अनुचित है। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कुछ देश विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं और इन संगठनों को वैचारिक तथा राजनीतिक समर्थन देते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सभी तरह के आतंकवाद के खात्मे के लिए एकजुट होना होगा और आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों तथा संगठनों को भी अलग-थलग करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद से अगर-मगर या टालमटोल की नीति से नहीं निपटा जा सकता और इसके लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाया जाना बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बदलते समय के साथ आतंकवाद के आयाम भी बदल रहे हैं और अब यह चुनौती काफी बड़ी हो गई है।उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी वैश्विक सहयोग और एकजुटता दिखाते हुए प्रौद्योगिकी के बल पर ही इससे निपटना होगा। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आतंकवादी संगठनों को की जा रही धन आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा,“ यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट होकर आतंकवाद को होने वाली धन की आपूर्ति पर अंकुश के लिए ट्रैक, ट्रेस एंड टैकल की नीति अपनाता है तो इस पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।”
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद की रीढ़ को तोड़ने के लिए संगठित अपराध और कट्टरपंथ विचारधारा को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी विचारों को समर्थन देने वाले देशों को भी अलग-थलग किया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि भारत में आतंकवाद के कारण हजारों जानें गई हैं लेकिन देश ने इस चुनौती का बड़ी बहादुरी के साथ सामना किया है। देश का दृढ़ संकल्प है कि जब तक आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता वह चैन से नहीं बैठेगा।

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