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छोटे निवेशकों के दम से सेंसेक्स नए शिखर पर, ये हैं शेयर बाजार में तेजी के पांच प्रमुख कारण

नई दिल्ली 

शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा। छोटे निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली से सेंसेक्स ने अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छू लिया। वहीं, कारोबार में दौरान निफ्टी भी अपने 52 सप्ताह के उच्चस्तर 18,529.70 तक ´पहुंच गया था।

रिटेल निवेशकों की 52 फीसदी भागीदारी
मार्च 2020 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। उस समय रिटेल निवेशकों की संख्या चार करोड़ के करीब थी। इसके बाद इस आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2022 तक डिमैट अकाउंट की संख्या दोगुनी से अधिक होकर 10 करोड़ तक पहुंच गई। इसी तरह रोजाना के बाजार कारोबार में छोटे निवेशकों की भागीदारी 52 फीसदी हो गई है। वहीं घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी क्रमश : 29 और 19 फीसदी है।

मझौली और छोटी कंपनियों में रही खरीदारी
बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों में भी खरीदारी रही। इससे मिडकैप 0.52 प्रतिशत उछलकर 25,398.89 अंक और स्मॉलकैप 0.42 प्रतिशत की छलांग लगाकर 29,000.60 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3635 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1935 में तेजी जबकि 1570 में गिरावट रही वहीं 130 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 44 कंपनियां हरे जबकि पांच लाल निशान पर रही वहीं एक के भाव स्थिर रहे।
इसका भी रहा असर
वैश्विक रुझान के साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के उस बयान से भी निवेशकों में उत्साह रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि देश के औपचारिक क्षेत्र में हर महीने रोजगार के औसतन 15-16 लाख नए पद सृजित हो रहे हैं। इससे भी बाजार में तेजी को बल मिला।

नई दिल्ली 

शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा। छोटे निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली से सेंसेक्स ने अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छू लिया। वहीं, कारोबार में दौरान निफ्टी भी अपने 52 सप्ताह के उच्चस्तर 18,529.70 तक ´पहुंच गया था।

रिटेल निवेशकों की 52 फीसदी भागीदारी
मार्च 2020 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। उस समय रिटेल निवेशकों की संख्या चार करोड़ के करीब थी। इसके बाद इस आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2022 तक डिमैट अकाउंट की संख्या दोगुनी से अधिक होकर 10 करोड़ तक पहुंच गई। इसी तरह रोजाना के बाजार कारोबार में छोटे निवेशकों की भागीदारी 52 फीसदी हो गई है। वहीं घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी क्रमश : 29 और 19 फीसदी है।

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मझौली और छोटी कंपनियों में रही खरीदारी
बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों में भी खरीदारी रही। इससे मिडकैप 0.52 प्रतिशत उछलकर 25,398.89 अंक और स्मॉलकैप 0.42 प्रतिशत की छलांग लगाकर 29,000.60 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3635 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1935 में तेजी जबकि 1570 में गिरावट रही वहीं 130 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 44 कंपनियां हरे जबकि पांच लाल निशान पर रही वहीं एक के भाव स्थिर रहे।

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इसका भी रहा असर
वैश्विक रुझान के साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के उस बयान से भी निवेशकों में उत्साह रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि देश के औपचारिक क्षेत्र में हर महीने रोजगार के औसतन 15-16 लाख नए पद सृजित हो रहे हैं। इससे भी बाजार में तेजी को बल मिला।

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