
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत में अनेकों तीर्थ क्षेत्र मौजूद हैं और सभी के दर्शन, स्नान आदि का अपना अलग ही महत्व है परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों प्रयागराज को कहा जाता है तीर्थो का राजा…? अगर नहीं! तो आइये हम बताते हैं इसके पीछे की वजह और साथ ही साथ बताते है आपको एक प्रसंग जब हो गया प्रयागराज को अपने राजा होने पर अभिमान.
बताते हैं कि एक बार सभी तीर्थ भगवान के पास पहुंचे और उनसे आग्रह किया कि वे उनमें से किसी तीर्थ को राजा घोषित करें ताकि बाकी सारे तीर्थ उसके कहे अनुसार चलें. इस पर कन्हैया ने सभी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए प्रयाग को तीर्थों का राजा नियुक्त किया और कहा कि अबसे माघ महीने में सभी तीर्थ, प्रयागराज में स्नान करने जाया करेंगे.





Users Today : 3
Users This Month : 249
Total Users : 234174
Views Today : 3
Views This Month : 458
Total views : 55859



