पिछले कुछ दिनों से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के रेट में कमी दर्ज की जा रही है. इसके साथ ही अब केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है. सरकार की तरफ से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की गई है. सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार घरेलू फर्मों की तरफ से उत्पादित कच्चे तेल पर टैक्स को घटाकर 1700 रुपये प्रति टन कर दिया गया है. मौजूदा समय में यह 4900 रुपये टन था.
5 रुपये लीटर से घटाकर 1.5 रुपये लीटर किया
इसके अलावा एटीएफ (ATF) पर विंडफॉल टैक्स 5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये लीटर कर दिया गया है. सरकार की तरफ से पेट्रोल पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. पेट्रोल पर जीरो विंडफॉल टैक्स लगता है, इसे ही बरकरार रखा गया है. हाई स्पीड डीजल पर विंडफॉल टैक्स को 8 रुपये से घटाकर 5 रुपये कर दिया गया है.
डीजल पर 13 रुपये की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी
इससे पहले 1 जुलाई को पेट्रोल-एटीएफ (ATF) पर 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई गई थी. इसके साथ ही कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन पर 2323250 रुपये प्रति टन का विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) लगाया गया था.
क्या होता है विंडफॉल टैक्स
दरअसल, विंडफॉल टैक्स को किसी खास परिस्थिति या स्थिति में लगाया जाता है. इसे उस स्थिति में जाता है जब किसी कंपनी या इंडस्ट्री को काफी फायदा होता है. आसान शब्दों में इसे इस तरह भी कह सकते हैं कि जब कंपनी को कम मेहनत में अच्छा फायदा होता है तो सरकार की तरफ से विंडफॉल टैक्स लगाया जाता है.
बिना विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के रूप में लगाए गए विंडफॉल टैक्स का मकसद घरेलू तेल उत्पादकों द्वारा कमाए गए लाभ को अब्जार्ब करना होता है. सरकार की तरफ से हर 15 दिन पर इसकी समीक्षा की जाती है. समीक्षा के आधार पर इसे घटाया या बढ़ाया जाता है.





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