
यदि आप ग्वालियर में रहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। वैसे तो आप जानते ही होंगे कि ग्वालियर में एयर टर्मिनल के विस्तार के बाद अब रेलवे स्टेशन का विकास होना है, तो यहां बता दें कि रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने का काम हैदराबाद की कंपनी करेगी। यह काम दो फेस में होगा। 462.79 करोड़ रुपए की लागत से दो फेस में यह काम होगा। इसके बाद ग्वालियर स्टेशन का नया स्वरूप सामने आएगा जो किसी भी आधुनिक स्टेशन से कम नहीं होगा।
यह स्टेशन किसी एयरपोर्ट की तरह ही लगेगा। पर स्टेशन के वर्तमान एतिहासिक भवन को उसी स्वरूप में उपयोग किया जाएगा जिससे उसकी प्राचीनता भी नए स्वरूप में दर्शाती रहे। चर्चा तो यह भी है कि प्रदेश सरकार और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्टेशन के विकास कार्य का शिलान्यास पीएम नरेन्द्र मोदी से कराने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल यह चर्चा है।
दो चरणों में होगा स्टेशन का विकास
रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने का काम दो चरणों में होगा। इसका कारण रेलवे स्टेशन के कार्यालय व रेलवे क्वार्टर को दो फेज में तोड़ना है। पहले फेज में 87 रेलवे क्वार्टर व 20 कार्यालय तोड़े जाएंगे। इस तरह कुल 107 संपत्तियों को तोड़ा जाएगा। पहले चरण में आरपीएफ थाना, कुली बैरक, RPF बैरक, रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट ऑफिस, SSE वर्क ऑफिस, ऑफिसर रेस्ट हाउस, सर्वेंट रूम, ऑफिसर रेस्ट हाउस, RPF डॉग स्क्वॉड बिल्डिंग तोड़ी जाएंगी। इनके तोड़ने की कार्रवाई केपीसी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड हैदराबाद द्वारा की जाएगी। रेल प्रशासन ने रेलवे कर्मचारियों व अफसरों से सितंबर में ही क्वार्टर खाली करवा लिया है। रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने के लिए 462.79 करोड़ का ठेका हुआ है।
सेकेंड फेस में टूटेंगे 93 क्वार्टर व ऑफिस
– दूसरे चरण में 93 क्वार्टर सहित अलग-अलग विभागों के कार्यालयों को तोड़कर रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने का काम होगा। दूसरे चरण में डिपो स्टोर, एआरटी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, रेस्ट हाउस, पंप रूम, एसएसई वर्क्स, रेलवे यूनियन ऑफिस सहित 50 क्वार्टर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, दो साल में रेलवे को आधुनिक स्टेशन बनाने का काम पूरा होगा।
आधुनिक होगा रेलवे स्टेशन, ग्राउंड फ्लोर पर होगी पार्किंग
रेलवे कर्मचारियों के लिए 4 कार्यालय व 3 आवासीय टावर बनेंगे। कार्यालय दो मंजिला होंगे। कर्मचारियों के रहने के लिए सात मंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसमें 101 परिवारों के लिए फ्लैट होंगे। साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग रहेगी। कार्यालय को बिल्डिंग में जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट, डिप्टी सीई ऑफिस, इलेक्ट्रिक विंग, एमएंडटी, गेस्ट हाउस व कुछ अन्य कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे।
100 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा
रेलवे स्टेशन में अभी 640 किलोवाट का सोलर प्लांट लगा है। रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने के बाद इसकी क्षमता और बढ़ाई जाएगी। वहीं 100 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा। इससे सीवर के पानी को ट्रीटमेंट कर इसे ट्रेनों की धुलाई करने में उपयोग में लगाया जाएगा। इसके साथ ही सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया जाएगा।
दो फेज में तोड़े जाएंगे कार्यालय और भवन
– झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द केपीसी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड हैदराबाद काम शुरू करेगी। रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करने के लिए स्टेशन के भवन व रेलवे क्वार्टर सहित करीब 200 संपत्तियों को तोड़ने की कार्रवाई दो फेज में की जाएगी।





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