भोपाल/ छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे.
अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है.
इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों.
उच्चस्तरीय जांच जारी
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है.
तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार
मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.





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