जबलपुर से नैनपुर होकर गोंदिया तक पहले रेलवे की छोटी लाइन थी जिसमें कई वर्षों तक ट्रेन दौड़ती रही। बमुश्किल वर्ष 1996-97 में बड़े संघर्ष के बाद इस रेलवे ट्रैक को ब्राॅडगेज में बदलने की उम्मीद जागी। जैसे-तैसे काम शुरू हुआ तो 25 साल का वक्त लगा तब कहीं जाकर यह वर्ष 2021 में बड़ी लाइन में तब्दील हो पाई थी। रेलवे की डबल लाइन होने से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या तो बढ़ेंगी ही उत्तर से दक्षिण भारत जाना आसान हो जाएगा। यह जरूर है कि यह काम पूरा होने में थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन आने वाले समय में इसका लाभ यात्रियों को मिलेगा। सांसद दुबे ने बताया कि अभी एकल लाइन होने से ट्रेनों की संख्या सीमित थी, लेकिन दोहरीकरण के बाद बड़ी संख्या में यात्री व मालगाड़ियों का संचालन संभव होगा।
जबलपुर गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण किए जाने से यूपी, एमपी सहित महाराष्ट्र को तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी। नए ट्रैक के बन जाने से खासकर जबलपुर, मंडला, बालाघाट आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सहित विंध्य, प्रयागराज, बनारस से साउथ के लिए नया रेल कॉरिडोर मिल जाएगा। अभी सिंगल ट्रैक होने के कारण ट्रेनों के गोंदिया पहुंचने में अधिक समय लगता है।
गोंदिया 231 किमी लंबी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए 5236 करोड़ रुपए की परियोजना मंजूर होने से मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सांसद आशीष दुबे ने कहा कि डबल लाइन बनने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच तेज वैकल्पिक रेल मार्ग विकसित होगा, यात्री व माल गाड़ियों का संचालन बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
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