जबलपुर। पत्रकारिता की धौस दिखाते हुए तथाकथित पत्रकार ने शहर के एक एमबीबीएस डॉक्टर और हॉस्पिटल संचालक को महिला संबंधी में अपराध फंसा देने और पुलिस से त्वरित कार्रवाई कराने की धमकी देते हुए लाखों रूपए की मांग की। रूपयों के लिए फोन पर फोन करने वाले तथाकथित पत्रकार ने डॉक्टर को अपना नाम प्रवीण सिंह बताया है। 35 लाख रूपयों की मांग से धीरे रकम मांगने में गिरावट आई और 8 लाख रूपए में बात फाइनल हुई।
डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक सहित थाना प्रभारी संजीवनी नगर से संपूर्ण मामला साझा करते हुए कार्रवाई की मांग की, जिस पर संजीवनी नगर पुलिस ने तथाकथित पत्रकार पर संबंधित धाराओं के विरूद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए मामले की विस्तृत जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता डॉ. अमित खरे ने पुलिस को बताया कि खुद को पत्रकार और पत्रकार संगठन का अध्यक्ष बताने वाला प्रवीण सिंह नामक शख्स व्हाट्सएप कॉल के जरिए लगातार धमकी दे रहा है कि वह मेरे खिलाफ 376 (दुष्कर्म) के तहत मामला दर्ज करा देगा।
तथाकथित पत्रकार कहता है कि पाक्सो एक्ट के साथ एफआईआर भी हो सकती है, अगर आप चाहें तो काईवाई रूक सकती है, लेकिन उसके लिए आपको 35 लाख रूपए देने होंगे। 35 लाख रूपयों से शुरू हुई बात धीरे धीरे 8 लाख रुपयों तक आई। बताया जाता है कि डॉक्टर को फसाने के लिए तथाकथित पत्रकार ने नागपुर और मंडला की लड़कियों का नाम लेकर एक सुनियोजित स्कैंडल का डर दिखाया है। डॉक्टर अमित खरे ने घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लिया और जालसाज को उसी के जाल में फंसाने की योजना बनाई।
उन्होंने आरोपी से मोलभाव करते हुए मामला 8 लाख रुपए में तय करने का नाटक किया, ताकि उसे रंगे हाथों पकड़ा जा सके। इस बीच डॉक्टर ने संजीवनी नगर थाना और एसपी संपत उपाध्याय से संपर्क करते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की टीम फरार शातिर ब्लैकमेलर की गिरफ्तारी के हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रवीण सिंह पत्रकार है या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है।
टीआई संजीवनी नगर बीडी द्विवेदी ने बताया कि डॉ. अमित खरे हैं, हॉस्पिटल चलाते हैं, इनके द्वारा शिकायत की गई है कि एक व्यक्ति परेशान करते हुए महिला संबंधी प्रकरण में फंसाने की धमकी दे रहा है। 35 लाख रूपए की डिमांड की गई थी। ब्लैकमेलिंग करने वाले प्रवीण सिंह पर एफआईआर दर्ज की है, प्रवीण सिंह अपने आप को प्रेस रिपोर्टर बता रहा है। प्राथमिक जांच में प्रवीण का पत्रकार न होना पाया गया है, मामले की जांच चल रही है।





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