
कोलकाता । भीषण चक्रवाती तूफान ‘अम्पन’ के पश्चिम बंगाल में दस्तक देने से पहले ही राजधानी कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर में तेज हवाओं का चलना शुरू हो गया है। मंगलवार रात से ही इन क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है। राजधानी कोलकाता में तो सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश की वजह से सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा है।
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि अम्पन चक्रवात की वजह से राजधानी कोलकाता में 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसका असर सुबह से ही देखने को मिल रहा है। भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से न्यूअलीपुर के इलाके में पेड़ टूट कर गिर पड़े हैं। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए राज्य सचिवालय पहले से ही अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर सचिवालय में कंट्रोल रूम खोला गया है, जिसकी निगरानी सीएम बनर्जी खुद कर रही हैं। उन्होंने लोगों से बुधवार दोपहर 12 बजे से देर रात तक तूफान थमने से पहले किसी भी कीमत पर घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। चक्रवात की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए दमदम हवाई अड्डे से 10 विमानों को दूसरे राज्य में ले जाया गया है। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट ने भी बंदरगाह से पानी के जहाजों को गहरे समुद्र में भेज दिया है ताकि तूफान के रास्ते में आने से बच जाएं।
राज्य सरकार ने जो कंट्रोल रूम खोला है, उसके तीन नंबर जारी किए गए हैं। एक नंबर है 1070, दूसरा नंबर है 03322143536 और तीसरा 03322141995 है। भीषण चक्रवाती तूफान के बुधवार अपराह्न तक दीघा समुद्र तट से टकराने की आशंका है। समुद्र तट से टकराने के साथ ही यह तूफान दक्षिण 24 परगना के समुद्र तट से लेकर पूरे मेदिनीपुर के तटीय किनारों तक भारी तबाही मचा सकता है। इसकी चपेट में उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व मेदिनीपुर के अलावा राजधानी कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिले भी आएंगे। राहत और बचाव के लिए आपदा प्रबंधन की टीम के साथ साथ राज्य प्रशासन और नेवी, एयर फोर्स, आर्मी, बीएसएफ, कोस्ट गार्ड पूरी तरह से तैयार बैठे हैं। चार लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।





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