
भोपाल.कोरोना (corona) के रेड जोन (red zone) शहर भोपाल (bhopal) में अब हाई रिस्क वाले मरीज़ों को एक नये एप के ज़रिए ढूंढ़ा जा रहा है.covid-MIS नाम के इस एप से ऐसे मरीज़ों को ट्रेस किया जा रहा है. ये इससे पहले लॉन्च सार्थक एप से ज़्यादा मोडिफाइड है जो हाई रिस्क वाले मरीज़ों की आसानी से पहचान कर लेगा.आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सर्वे शुरू कर दिया है. उन्हें एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है.
Covid-MIS एप के साथ दोबारा डोर टू डोर सर्वे
मध्य प्रदेश के साथ भोपाल में कोरोना मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है.राजधानी भोपाल में कोरोना के तेज़ संक्रमण के बाद अब यहां फिर से जिला प्रशासन सर्वे करा रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग की दो हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फिर से सर्वे के लिए उतार दिया गया है. भोपाल के सभी 85 वॉर्डों में फिर से सर्वे किया जा रहा है.कार्यकर्ता रोज एक एक वॉड घर-घर जाकर हर व्यक्ति का डाटा covid-MIS एप में भर रही हैं.
मध्य प्रदेश के साथ भोपाल में कोरोना मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है.राजधानी भोपाल में कोरोना के तेज़ संक्रमण के बाद अब यहां फिर से जिला प्रशासन सर्वे करा रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग की दो हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फिर से सर्वे के लिए उतार दिया गया है. भोपाल के सभी 85 वॉर्डों में फिर से सर्वे किया जा रहा है.कार्यकर्ता रोज एक एक वॉड घर-घर जाकर हर व्यक्ति का डाटा covid-MIS एप में भर रही हैं.
एप में खास क्या है
इस ऐप में लगे जीपीएस से कार्यकर्ताओं की लोकेशन ट्रेस होगी और हाई रिस्क( सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार) जैसे लक्षणों वाले व्यक्ति को भी ट्रेस किया जा सकेगा.अगर हाई रिस्क वाला व्यक्ति आसपास है तो ये ऐप अपने आप ही उसका सारा डिटेल मॉनिटर कर लेगा. हाई रिस्क वाले व्यक्ति के ट्रेस होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित व्यक्ति के घर जांच के लिए पहुंचेगी.कोरोना पेशेंट को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को क्वॉरेंटीइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
इस ऐप में लगे जीपीएस से कार्यकर्ताओं की लोकेशन ट्रेस होगी और हाई रिस्क( सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार) जैसे लक्षणों वाले व्यक्ति को भी ट्रेस किया जा सकेगा.अगर हाई रिस्क वाला व्यक्ति आसपास है तो ये ऐप अपने आप ही उसका सारा डिटेल मॉनिटर कर लेगा. हाई रिस्क वाले व्यक्ति के ट्रेस होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित व्यक्ति के घर जांच के लिए पहुंचेगी.कोरोना पेशेंट को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को क्वॉरेंटीइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
डाटा की रोज मॉनिटरिंग
Covid-MIS एप से सर्वे शुरू हो चुका है. नारियल खेड़ा इलाके में एडीएम ने आंगनवाड़ियों के सर्वे की तत्काल रिपोर्ट भी ली.सर्वे रिपोर्ट की रोज मॉनिटरिंग होगी. इसके साथ डाटा का भी रिव्यू किया जाएगा.इससे कोरोना के मरीज़ों की समय पर पहचान और इलाज हो पाएगा. समय पर रोग की पहचान और इलाज होने से लोगों की जान बचायी जा सकती है और संक्रमण रोका जा सकता है.
Covid-MIS एप से सर्वे शुरू हो चुका है. नारियल खेड़ा इलाके में एडीएम ने आंगनवाड़ियों के सर्वे की तत्काल रिपोर्ट भी ली.सर्वे रिपोर्ट की रोज मॉनिटरिंग होगी. इसके साथ डाटा का भी रिव्यू किया जाएगा.इससे कोरोना के मरीज़ों की समय पर पहचान और इलाज हो पाएगा. समय पर रोग की पहचान और इलाज होने से लोगों की जान बचायी जा सकती है और संक्रमण रोका जा सकता है.
दोबारा सर्वे
इससे पहले भोपाल के 85 वार्डो में एक बार सर्वे हो चुका है.जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च से देशभर में कोरोना से बचाव के लिए लॉक डाउन लागू हुआ था.भोपाल में मार्च के आखिर में ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सर्वे किया था.सर्वे में 85 वॉर्ड में हर घर के व्यक्ति की जानकारी जुटाई गई थी. इसमें 5 से 6 पॉइंट थे जो लोगों से पूछे जा रहे थे. किसी व्यक्ति को सर्दी,खांसी जुकाम के लक्षण, घर के व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री,60से ज्यादा उम्र के व्यक्ति की संख्या जुटाई गयी थी. अब रेड जोन भोपाल में कोरोना बढ़ने के कारण दोबारा सर्वे शुरू किया गया है.
इससे पहले भोपाल के 85 वार्डो में एक बार सर्वे हो चुका है.जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च से देशभर में कोरोना से बचाव के लिए लॉक डाउन लागू हुआ था.भोपाल में मार्च के आखिर में ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सर्वे किया था.सर्वे में 85 वॉर्ड में हर घर के व्यक्ति की जानकारी जुटाई गई थी. इसमें 5 से 6 पॉइंट थे जो लोगों से पूछे जा रहे थे. किसी व्यक्ति को सर्दी,खांसी जुकाम के लक्षण, घर के व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री,60से ज्यादा उम्र के व्यक्ति की संख्या जुटाई गयी थी. अब रेड जोन भोपाल में कोरोना बढ़ने के कारण दोबारा सर्वे शुरू किया गया है.
अफसर करेंगे मॉनिटरिंग
सरकारी अफसर इस ऐप की मॉनिटरिंग करेंगे. कोविड-19 एप के जीपीएस से कनेक्ट होने के कारण कार्यकर्ताओं की लोकेशन भी ट्रेस होगी. सर्वे के लिए कार्यकर्ताए किस वार्ड में किस व्यक्ति के घर के सामने है ये इससे पता चल जाएगा. एप के ज़रिए घर के व्यक्ति का पूरा पता, वार्ड क्रमांक/ गांव,मोबाइल नंबर,परिवार के कुल सदस्यों की संख्या, 60की उम्र से अधिक व्यक्तियों की संख्या, बुखार, सर्दी खासी,गले में खराश जैसे लक्षण, 15 दिन में यात्रा,कोरोना के मरीज के संपर्क में आने की जानकारी, गैस त्रासदी प्रभावित और सर्वे में असहयोग करने वाले लोगो का डिटेल इकट्ठा किया जा रहा है.
सरकारी अफसर इस ऐप की मॉनिटरिंग करेंगे. कोविड-19 एप के जीपीएस से कनेक्ट होने के कारण कार्यकर्ताओं की लोकेशन भी ट्रेस होगी. सर्वे के लिए कार्यकर्ताए किस वार्ड में किस व्यक्ति के घर के सामने है ये इससे पता चल जाएगा. एप के ज़रिए घर के व्यक्ति का पूरा पता, वार्ड क्रमांक/ गांव,मोबाइल नंबर,परिवार के कुल सदस्यों की संख्या, 60की उम्र से अधिक व्यक्तियों की संख्या, बुखार, सर्दी खासी,गले में खराश जैसे लक्षण, 15 दिन में यात्रा,कोरोना के मरीज के संपर्क में आने की जानकारी, गैस त्रासदी प्रभावित और सर्वे में असहयोग करने वाले लोगो का डिटेल इकट्ठा किया जा रहा है.
एक हफ्ते का वक्त
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से सर्वे शुरू किया है और इसे एक हफ्ते में पूरा करना है. लॉक डाउन 03 खत्म होने के आखिरी दिन 17मई को सर्वे रिपोर्ट जमा करना है.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से सर्वे शुरू किया है और इसे एक हफ्ते में पूरा करना है. लॉक डाउन 03 खत्म होने के आखिरी दिन 17मई को सर्वे रिपोर्ट जमा करना है.





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